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दिल्ली/NCR

CAT Stay on DGHS Chief Transfer: दिल्ली DGHS प्रमुख डॉ. वत्सला अग्रवाल के तबादले पर CAT की रोक; सरकार को झटका

दिल्ली: केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) ने दिल्ली स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल के तबादले के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। डॉ. अग्रवाल ने दिल्ली सरकार के 21 मई 2026 के उस आदेश को न्यायाधिकरण में चुनौती दी थी, जिसके तहत उन्हें बिना किसी नई जिम्मेदारी के “पोस्टिंग के इंतजार” (waiting for posting) वाली श्रेणी में डाल दिया गया था। CAT ने इस मामले को “प्रथम दृष्टया” गंभीर मानते हुए अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

🔍 सतर्कता निरीक्षण और तबादले का कनेक्शन

याचिका के अनुसार, डॉ. अग्रवाल ने तर्क दिया कि यह तबादला “दंडात्मक” और “मनमाना” है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग में हाल ही में हुए एक सतर्कता निरीक्षण से प्रेरित है। याचिका में दावा किया गया है कि 18-19 मई को सतर्कता अधिकारियों द्वारा दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद से जुड़ी फाइलें मांगे जाने पर डॉ. अग्रवाल ने पूर्ण सहयोग किया था। बावजूद इसके, महज कुछ ही दिनों बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया, जबकि अपने 30 वर्षों के करियर में उनके खिलाफ कभी कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई थी।

🗳️ चुनाव की निगरानी और नीतिगत उल्लंघन का तर्क

डॉ. अग्रवाल के वकीलों ने न्यायाधिकरण के समक्ष दो महत्वपूर्ण तर्क रखे:

  • तबादला नीति का उल्लंघन: बिना किसी पद के उन्हें हटाना दिल्ली स्वास्थ्य सेवा की तबादला नीति के विरुद्ध है।

  • दिल्ली मेडिकल काउंसिल चुनाव: वे 31 मई को होने वाले दिल्ली मेडिकल काउंसिल चुनावों की देखरेख कर रही थीं, और चुनाव से ठीक पहले उन्हें हटाना प्रशासनिक अव्यवस्था की ओर इशारा करता है।

🛑 सजा के तौर पर तबादला नहीं: CAT

न्यायाधिकरण ने सर्वोच्च न्यायालय की नजीरों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि तबादले का उपयोग “सजा के विकल्प के रूप में” नहीं किया जाना चाहिए। दुर्भावनापूर्ण तबादलों में न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक है। फिलहाल, दिल्ली सरकार ने इस मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। अब सभी की निगाहें 29 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि क्या यह तबादला कानूनी रूप से मान्य था या नहीं।

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