Bhilai News: भिलाई में पानी-बिजली संकट से हाहाकार; खुद सत्तापक्ष के पार्षदों ने निगम के खिलाफ खोला मोर्चा

दुर्ग (भिलाई): नौतपा की भीषण गर्मी के बीच भिलाई शहर के लोग पानी और बिजली की समस्या से बुरी तरह जूझ रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि अपनी ही सरकार के पार्षदों को नगर निगम के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा है। पार्षदों का आरोप है कि निगम प्रशासन जनता की मूलभूत समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है।
💧 पानी के लिए तरस रहे शहरवासी
विद्युत यांत्रिकी विभाग के एमआईसी सदस्य और पार्षद लालचंद वर्मा के नेतृत्व में पार्षदों ने निगम प्रशासन को घेरा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शहर के बोरा लाइन, परदेसी चौक और स्पर्श अस्पताल क्षेत्र जैसे इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हैं। भीषण गर्मी के कारण बोर सूख चुके हैं और जलस्तर नीचे गिर गया है, जबकि निगम की टैंकर सप्लाई महज एक दिखावा साबित हो रही है। पानी के पाइपलाइन इंटरकनेक्शन का काम लंबे समय से लंबित है।
💡 अंधेरे में डूबा भिलाई
पानी के साथ-साथ शहर में बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। रात में बार-बार बिजली गुल होने से बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्षदों ने कहा कि शहर सरकार होने के बावजूद निगम अधिकारियों की तानाशाही और लापरवाही के कारण काम ठप पड़े हैं।
🚫 आयुक्त के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
कांग्रेस पार्षदों ने निगम आयुक्त राजीव पांडे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि वे उन्हें आयुक्त के रूप में स्वीकार नहीं करते और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
📋 अन्य लंबित मामले
आंदोलन के दौरान पार्षदों ने केवल पानी-बिजली ही नहीं, बल्कि निम्नलिखित मुद्दों पर भी प्रशासन को घेरा:
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सामाजिक सुरक्षा योजनाएं: योजनाओं की बदहाली।
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पीएम आवास योजना: लंबित मामले और हितग्राहियों की परेशानी।
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पट्टा नवीनीकरण व राशन कार्ड: आबादी भूमि से जुड़े अटके हुए कार्य।
प्रदर्शनकारियों ने निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।






