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Economic Policy Attack: उचाना में दुष्यंत चौटाला बोले- डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़े, यूरिया-डीएपी की किल्लत से किसान परेशान

जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने उचाना हलके के विभिन्न गांवों का दौरा कर कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और बढ़ती महंगाई पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश के आर्थिक हालात बेहद गंभीर स्थिति में हैं और इसका सीधा बोझ आम जनता और किसानों पर पड़ रहा है।

🚜 कृषि संकट: खाद और ईंधन की किल्लत

दुष्यंत चौटाला ने कृषि क्षेत्र की बदहाली पर चिंता जताते हुए कहा कि धान के सीजन में किसान पहले ही खाद की समस्या से जूझ रहे हैं। बाजार में न तो यूरिया मिल रहा है और न ही बुआई के लिए डीएपी उपलब्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन में उपयोग होने वाले सल्फ्यूरिक एसिड की भी भारी कमी है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

⛽ महंगाई की मार और अंतरराष्ट्रीय असफलता

पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि सीएनजी, डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दामों ने कमर तोड़ दी है। उन्होंने डॉलर की बढ़ती कीमत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक विफलता का जिक्र करते हुए कहा कि पहले रूस से मिलने वाले तेल और उर्वरक की आपूर्ति बाधित होने से अब हम मध्य-पूर्व पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हो गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट के समय हमारे नए सहयोगी भी भारत का साथ देने में विफल रहे।

🚗 सुरक्षा काफिले पर तंज

प्रधानमंत्री के काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने के फैसले पर चुटकी लेते हुए चौटाला ने कहा कि केवल कुछ वाहन कम करने से देश की अर्थव्यवस्था नहीं सुधरेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली जरूरत पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने और किसानों को सिंचाई व खेती के लिए निर्बाध बिजली और डीजल उपलब्ध कराने की है, जो फिलहाल सरकार करने में असमर्थ है।

संपादकीय टिप्पणी: क्या आपको लगता है कि कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता ही देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है? अपने विचार नीचे साझा करें।

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