ब्रेकिंग
1984 सिख-विरोधी दंगों के दोषी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन, तिहाड़ से... राजीव गांधी की जयंती पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सोनिया-राहुल और खरगे ने 'वीर भूमि' पर अर्पित किए ... 'वंदे मातरम्' पर सियासी घमासान: अमित शाह बोले- 2 छंद गाने का कांग्रेस का फैसला देश विरोधी, वेणुगोपाल... तेलंगाना के सिद्दिपेट में भीषण सड़क हादसा: 20 फीट गहरे कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की... उत्तराखंड में PMAY-U को मिली नई रफ्तार, दिसंबर तक 15 हजार परिवारों को मिलेगी पक्की छत प्रयागराज में भारी बारिश से हाहाकार: सड़कों पर भरा पानी, जलभराव पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त; DM और नग... हमीरपुर में फूड रेड के दौरान हड़कंप: SDM के कहने पर दुकानदार ने अपनी ही दुकान की मिठाई खाने से किया ... गोमतीनगर में दिल दहला देने वाला तिहरा हत्याकांड: पत्नी और बहन की हत्या के बाद मैनेजर ने की खुदकुशी दिल्ली मास्टर प्लान-2047 को केंद्र की मंजूरी: 40 लाख नए फ्लैट्स, नरेला एजुकेशन हब और मेट्रो विस्तार ... संसद में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर मतदान, राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा
पंजाब

Ludhiana News: राहों रोड की बदहाली पर फूटा किसानों का गुस्सा; बस्ती जोधेवाल चौक पर धरना, लगा लंबा जाम

लुधियाना के बस्ती जोधेवाल चौक पर आज भारतीय किसान मजदूर यूनियन के सदस्यों ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। राहों रोड के निर्माण में देरी, सड़कों पर हो रहे अवैध कब्जों और रेत से भरे ट्रकों की बेलगाम आवाजाही से परेशान किसानों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया है। इस प्रदर्शन के कारण हाईवे पर वाहनों का लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

🚧 प्रशासन पर अनदेखी का आरोप

यूनियन के प्रधान दिलबाग सिंह गिल ने जानकारी देते हुए बताया कि वे पिछले कई वर्षों से लगातार जिला प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत करा रहे हैं और मांग पत्र सौंप चुके हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक राहों रोड का निर्माण कार्य पूरा नहीं होता और अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह धरना प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

🚔 भारी पुलिस बल तैनात, यातायात प्रभावित

प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसानों के धरने के कारण हाईवे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जिला प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटा है, लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। प्रशासन और किसान यूनियन के बीच गतिरोध बना हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

संपादकीय टिप्पणी: सड़कों का निर्माण और अतिक्रमण जैसी बुनियादी समस्याएं लंबे समय से लंबित क्यों हैं? क्या प्रशासन को ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए एक समय-सीमा (Deadline) निर्धारित नहीं करनी चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।

Related Articles

Back to top button