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छत्तीसगढ़

High Court on Raipur Oxyzone: ऑक्सीजोन में थाना निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त; पेड़ बचाने और ‘कंपनसेटरी प्लांटेशन’ का मांगा प्लान

रायपुर के ऑक्सीजोन में खम्हारडीह थाना निर्माण के लिए हो रही पेड़ों की कटाई के मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट की वेकेशन कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि जन सुरक्षा के लिए पुलिस स्टेशन जरूरी है, लेकिन विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण का संरक्षण भी उतना ही अनिवार्य है। अगली सुनवाई तक राज्य सरकार को यह बताना होगा कि वे प्रस्तावित निर्माण के साथ पेड़ों को कैसे सुरक्षित रखेंगे।

🌿 36 पेड़ों की कटाई और क्षतिपूर्ति का प्लान

कोर्ट ने राज्य शासन से यह भी पूछा है कि काटे जा रहे 36 पेड़ों के बदले क्षतिपूर्ति (Compensatory Plantation) की क्या योजना है? कोर्ट ने निर्देश दिया है कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से सलाह लेकर तत्काल प्लांटेशन प्लान तैयार किया जाए ताकि बारिश के मौसम में नए लगाए गए पेड़ सुरक्षित रहें। कोर्ट ने सुरक्षा उपायों के साथ निर्माण कार्य जारी रखने की अनुमति दी है, लेकिन पर्यावरण को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं।

🔍 क्या है पूरा विवाद?

रायपुर नगर निगम के सुभाष चंद्र बोस नगर स्थित ऑक्सीजोन की जमीन को कलेक्टर द्वारा थाना निर्माण के लिए आवंटित किया गया है। स्थानीय वार्डवासियों ने याचिका दायर कर विरोध जताया है कि यह एक ‘ऑक्सीजन जोन’ है और यहां निर्माण से पर्यावरण को अपूरणीय क्षति होगी। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह क्षेत्र पर्यावरण के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है।

⚖️ राज्य सरकार का पक्ष और कोर्ट की टिप्पणी

राज्य के एडिशनल एडवोकेट जनरल ने दलील दी कि यह जमीन मास्टर प्लान के तहत ‘ग्रीन लैंड’ के रूप में नोटिफाइड नहीं है और निर्माण के बदले हरियाली कोष में 50 हजार रुपये जमा किए गए हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इकोलॉजी बचाना जरूरी है। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना ही आज की सबसे बड़ी चुनौती है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई, 2026 के लिए निर्धारित की है।

संपादकीय टिप्पणी: शहरों में कंक्रीट के जंगल के बीच ‘ऑक्सीजोन’ जैसे स्थान फेफड़े का काम करते हैं। क्या आपको लगता है कि जनहित के निर्माण कार्यों (जैसे थाना या अस्पताल) के लिए वैकल्पिक स्थानों का चयन किया जाना चाहिए ताकि प्राकृतिक संपदा को बचाया जा सके? अपने विचार नीचे साझा करें।

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