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Araria Crime News: अररिया में दामाद के प्यार में अंधी मां ने की बेटी की हत्या; पुलिस के सामने कबूली खौफनाक सच्चाई

“मैंने अपनी बेटी साजिदा को कितनी बार समझाया था. उससे कहा था कि जैसे चल रहा है, वैसे चलने दो. अब्बू तुम्हारा पति बनकर रहेगा, तुम्हारा ख्याल रखेगा, पैसे भी देगा. तुम सिर्फ चुप रहो और हमारे रिश्ते के बीच मत आओ, लेकिन वो नहीं मानी. उसने अपने पिता को सब कुछ बताने की धमकी दे दी थी. बस इसी वजह से उसे रास्ते से हटाना पड़ा और हमने उसे मार डाला.” यह किसी फिल्म की काल्पनिक पटकथा नहीं, बल्कि बिहार के अररिया में अपनी ही नाबालिग बेटी के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार मां शाइस्ता परवीन का पुलिस के सामने दिया गया वो खौफनाक कबूलनामा है, जिसे सुनकर खाकी भी सन्न रह गई. एक मां अपने से 10 साल छोटे दामाद के प्यार में इस कदर अंधी हो गई कि उसने अपनी ही कोख से जन्मी बेटी की जिंदगी का सौदा कर दिया.

📱 फेसबुक मैसेज से बढ़ीं नजदीकियां, चैटिंग करते-करते रात भर जागते थे सास और होने वाले दामाद

शाइस्ता परवीन ने पुलिस को अपनी जिंदगी और अपने प्रेमी (जो अब उसका दामाद है) अब्बू नसर के साथ अवैध संबंधों की पूरी कहानी सिलसिलेवार ढंग से बताई है. शाइस्ता के मुताबिक, साल 2009 में उसके माता-पिता ने उसकी शादी मोहम्मद मुदशीर से कराई थी. शादी के एक साल बाद यानी 2010 में उनकी बेटी साजिदा परवीन का जन्म हुआ. शादी के बाद करीब 10 साल तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन मुदशीर काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहने लगा. पति की इसी दूरी के कारण शाइस्ता और उसके बीच रिश्तों में खटास आने लगी. शाइस्ता खुद को अकेला महसूस करने लगी और इसी अकेलेपन को दूर करने के लिए उसने अपनी बहन के ससुराल आना-जाना शुरू कर दिया. वहीं पर उसकी मुलाकात अपनी बहन के देवर अब्बू नसर से हुई.

शुरुआत में शाइस्ता और अब्बू नसर के बीच सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन एक दिन अब्बू ने शाइस्ता को फेसबुक पर मैसेज किया. इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बातचीत का सिलसिला बढ़ गया. जो बातचीत कुछ मिनटों की होती थी, वह धीरे-धीरे घंटों में बदल गई. नवंबर 2019 आते-आते दोनों के बीच नजदीकियां इस कदर बढ़ गईं कि वे अक्सर रात भर फोन पर चैटिंग करते-करते ही सो जाते थे. इसके बाद अब्बू नसर अक्सर शाइस्ता से चोरी-छिपे मिलने आने लगा.

🛑 बदनामी से बचने के लिए चली ‘शादी’ की खौफनाक चाल, जबरन कराई नाबालिग बेटी की शादी

दिसंबर 2025 में इस कहानी में एक नया और घिनौना मोड़ आया. अब्बू नसर की मां ने शाइस्ता से उसकी बेटी साजिदा की शादी अब्बू नसर से कराने का प्रस्ताव रखा. शुरुआत में शाइस्ता इस बात से बेहद नाराज हुई, क्योंकि साजिदा अभी नाबालिग थी. लेकिन तब प्रेमी अब्बू नसर ने शाइस्ता को एक खौफनाक प्लान समझाया. अब्बू ने कहा कि अगर साजिदा की शादी उससे हो जाएगी, तो वह दामाद बनकर कानूनी रूप से उनके घर आ-जा सकेगा और समाज में उनके अवैध रिश्ते पर कोई सवाल भी नहीं उठाएगा.

शाइस्ता के पति मुदशीर और बेटी साजिदा ने इस बेमेल शादी का कड़ा विरोध किया था, लेकिन शाइस्ता ने जिद पकड़ ली और बेटी को डरा-धमकाकर व समझा-बुझाकर शादी के लिए राजी कर लिया. आखिरकार 11 अप्रैल 2026 को मदरसा में बच्चों को पढ़ाने वाले अब्बू नसर से नाबालिग साजिदा की शादी कर दी गई.

👁️ बंद कमरे में मां और पति को आपत्तिजनक हालत में देखा, तो साजिदा ने किया पुरजोर विरोध

शादी के बाद साजिदा और अब्बू नसर अलग रहने लगे. शाइस्ता अपनी बेटी से मिलने के बहाने हफ्ते में तीन बार दामाद के घर पहुंचने लगी. वह अक्सर साजिदा की अनुपस्थिति में अब्बू नसर से मिला करती थी. लेकिन पाप का यह घड़ा ज्यादा दिन नहीं छिप सका. एक दिन साजिदा ने अपनी मां शाइस्ता और पति अब्बू नसर को बंद कमरे में आपत्तिजनक हालत में रंगे हाथों देख लिया.

उस दिन घर में भारी हंगामा हुआ. साजिदा ने इस अनैतिक रिश्ते का पुरजोर विरोध किया और अपनी मां से साफ कह दिया कि वह उसके पति से दूर रहे. साजिदा के पिता मुदशीर के मुताबिक, साजिदा ने अपनी मां से रोते हुए कहा था, “मेरी शादी हो चुकी है, अब यह मेरी जिंदगी का सवाल है.” जब साजिदा ने इस घिनौनी बात की जानकारी अपने पिता को देने की धमकी दी, तो शाइस्ता और अब्बू नसर ने मिलकर उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.

🏍️ बीमारी का नाटक, बेरहमी से मारपीट और फिर शव दफनाने की जल्दबाजी ने खोला राज

पिता मुदशीर के अनुसार, 1 मई की रात शाइस्ता ने बहाना बनाया कि बेटी साजिदा की तबीयत बहुत खराब है. इसके बाद वह अपने दामाद अब्बू नसर के साथ साजिदा को बेहोशी की हालत में बाइक पर बैठाकर निकल गई. बाइक अब्बू चला रहा था, बीच में साजिदा थी और पीछे शाइस्ता बैठी थी. वे साजिदा को दामाद के घर ले गए, जहां उसके साथ बंद कमरे में बुरी तरह मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई.

बेटी की हत्या करने के बाद शाइस्ता और अब्बू उसकी लाश को सहारा देकर मुदशीर के घर (प्रेम नगर) लाए. जब पिता ने पूछा, तो उन्होंने कहा कि तबीयत ठीक नहीं है, आराम करेगी तो ठीक हो जाएगी. थोड़ी देर बाद दोनों ने बेटी की मौत हो जाने का नाटक शुरू कर दिया और कहा कि अचानक तबीयत बिगड़ने से उसकी जान चली गई. दोनों इतनी जल्दबाजी में थे कि वे बिना किसी को बताए या रीति-रिवाज निभाए शव को तुरंत दफनाना चाहते थे ताकि उनका गुनाह हमेशा के लिए दफन हो सके. लेकिन पिता को उनकी हरकतों पर शक हो गया और उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को फोन कर दिया.

⚖️ कलयुगी सास और दामाद गिरफ्तार, कोर्ट में पेशी के बाद भेजे गए जेल

अररिया आरएस थाना प्रभारी अंकुर कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मां शाइस्ता परवीन और पति अब्बू नसर को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के कड़े रुख के सामने दोनों ने अपना जुर्म पूरी तरह कबूल कर लिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है.

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