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West Bengal Political Crisis: यूसुफ पठान ने ठुकराई ममता बनर्जी की अपील, बहरामपुर सांसद पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को खत्म हुए एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल और आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी क्रम में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है. पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने टीएमसी के नवनिर्वाचित सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान से बहरामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा देने की अपील की थी, ताकि वहां उपचुनाव कराया जा सके. मगर, यूसुफ पठान ने ममता बनर्जी की इस अपील को सिरे से ठुकरा दिया है. हालांकि, अगले लोकसभा चुनाव (2029) में अभी काफी समय है, इसलिए ममता बनर्जी बहरामपुर में जल्द से जल्द उपचुनाव कराने की रणनीति पर काम कर रही थीं. इस मामले को सुलझाने के लिए ममता ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से भी यूसुफ पठान से बात करने का अनुरोध किया था, लेकिन यूसुफ अपने फैसले पर अडिग रहे. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें जनता का जो जनादेश मिला है, वे उसे इतनी जल्दी नजरअंदाज नहीं कर सकते और बहरामपुर के सांसद पद पर बने रहेंगे.

🗳️ हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को दिया बशीरहाट सीट का ऑफर: मुर्शिदाबाद को नया सियासी गढ़ बनाने की कवायद तेज

एक तरफ जहां मुर्शिदाबाद क्षेत्र से ममता बनर्जी की अपनी ही टीम के मजबूत सदस्य यूसुफ पठान उनके आदेश को मानने से इनकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसी जिले से पार्टी के एक और प्रभावशाली सदस्य हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को एक नया राजनीतिक विकल्प दे दिया है. यूसुफ पठान के इनकार के बाद अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि ममता बनर्जी बशीरहाट लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़कर संसद जाने की योजना बना रही हैं. टीएमसी से निलंबित (Suspend) किए गए विधायक और एजेयूपी (AJUP) के चेयरमैन हुमायूं कबीर ने खुलकर बयान दिया है कि अगर ममता बनर्जी बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र से संसद का रुख करना चाहती हैं, तो वह इस चुनावी प्रक्रिया में उनकी पूरी मदद करेंगे. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन तमाम घटनाक्रमों से यह साफ है कि ममता बनर्जी मुर्शिदाबाद और उसके आसपास के इलाकों को अपना अगला सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ बनाने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं.

⚡ टीएमसी के कई वरिष्ठ सांसद पार्टी छोड़ने की फिराक में: काकोली घोष दस्तीदार ने स्पीकर ओम बिरला से की कल्याण बनर्जी की शिकायत

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि दिल्ली की राजनीति में भी टीएमसी के कई वरिष्ठ सांसद पार्टी के कामकाज के मौजूदा तरीके और शीर्ष नेतृत्व के व्यवहार को लेकर गहरे नाराज हैं और वे तृणमूल कांग्रेस छोड़ने की गुप्त योजना बना रहे हैं. पार्टी के कई सांसदों ने अब सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर करना शुरू कर दिया है. इनमें सबसे बड़ा नाम ममता बनर्जी की बेहद करीबी मानी जाने वाली वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार का है. बारासात लोकसभा सीट से चार बार की सांसद दस्तीदार ने सीधे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर टीएमसी के ही दबंग सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया है कि कल्याण बनर्जी ने सदन के अंदर उनके साथ बदसलूकी की और अपशब्दों का इस्तेमाल किया. काकोली घोष दस्तीदार के अलावा पार्टी के दो अन्य वरिष्ठ नेताओं—सांसद सुखेंदु शेखर रॉय और पूर्व सांसद शांतनु सेन ने भी खुलकर टीएमसी के आंतरिक लोकतंत्र और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर तीखे सवाल उठाए हैं.

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