Haryana Sunflower Procurement: हरियाणा के किसानों के लिए राहत; सूरजमुखी खरीद के लिए 60 दिन के लिए फिर खुलेगा पोर्टल

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के लाखों किसानों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि सूरजमुखी खरीद (Sunflower Procurement) के लिए पोर्टल अगले 60 दिनों के लिए पुनः खोला जाएगा। मुख्यमंत्री वीरवार को पंचकूला में ‘जाईका’ वित्तपोषित सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का शुभारंभ करने के साथ-साथ पर्यावरण दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को जानकारी मिली थी कि कुछ किसान किन्हीं अपरिहार्य कारणों से अपनी सूरजमुखी की फसल बेचने के लिए समय पर पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करा सके थे। सरकार ऐसे किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी पात्र किसान अपनी उपज बेचने के अवसर से वंचित न रहे।
🦁 पिपली और भिवानी चिड़ियाघरों का होगा कायाकल्प: ₹95 करोड़ की लागत से पर्यटन और वन्यजीवों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि पिपली चिड़ियाघर का 70 करोड़ रुपए तथा भिवानी चिड़ियाघर का 25 करोड़ रुपए की लागत से व्यापक नवीनीकरण (Renovation) किया जाएगा, जिससे वन्यजीवों के लिए बेहतर वातावरण और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
🌳 सरस्वती वन में बनेगा पक्षी विहार और कलेसर में इको-टूरिज्म: पर्यावरण संरक्षण के लिए रोपे जाएंगे 1.50 करोड़ पौधे
सीएम ने जानकारी दी कि सरस्वती संरक्षण वन में 55 करोड़ रुपए की लागत से एक भव्य ‘पक्षी विहार’ का निर्माण किया जाएगा, जिससे 100 से अधिक स्थानीय एवं प्रवासी पक्षी प्रजातियों को संरक्षण मिलेगा। साथ ही, कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में इको-टूरिज्म एवं वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपए की लागत से मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष वन विभाग द्वारा कुल 1.50 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा, जिनमें से 50 लाख पौधे नागरिकों को निःशुल्क वितरित किए जाएंगे।
♻️ पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी: प्लास्टिक बैग्स पर रोक और ‘पौधागिरी’ अभियान को मिलेगा नया विस्तार
पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में सीएम ने घोषणा की कि विभाग की सभी नर्सरियों में अब प्लास्टिक बैगों की जगह बायोडिग्रेडेबल बैगों (Biodegradable bags) का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही ‘पौधागिरी’ अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए इस वर्ष स्कूली बच्चों को 20 लाख पौधे वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक जनभागीदारी का अभियान बन गया है।






