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पंजाब

Punjab CHO Protest: आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में सेवाएं होंगी ठप्प; CHO ने 2 जुलाई को घेराव का किया ऐलान

श्री मुक्तसर साहिब: पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य आधार आयुष्मान आरोग्य केंद्र आने वाले दिनों में हड़ताल की चपेट में आ सकते हैं। राज्य के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) ने विभाग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। सी.एच.ओ. जत्थेबंदी का आरोप है कि विभाग उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रहा है और उन पर काम का बोझ बढ़ाकर मानसिक शोषण किया जा रहा है।

🗓️ संघर्ष का पूरा रोडमैप

स्टेट कमेटी ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है:

  • 15 जून: पुराना इंसेंटिव परफॉर्मा बहाल न हुआ तो सभी ऑनलाइन/ऑफलाइन सेवाएं बंद होंगी।

  • 22 जून: राज्य के सभी जिलों में सिविल सर्जन ऑफिस के बाहर बड़े धरने।

  • 1 जुलाई: ब्लॉक स्तर पर हड़ताल और स्वास्थ्य सेवाओं का पूर्ण बायकॉट।

  • 2 जुलाई: संगरूर में पंजाब के मुख्यमंत्री के आवास का घेराव।

📋 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स की प्रमुख मांगें

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • दूसरे राज्यों के बराबर सैलरी में वृद्धि और वेतन विसंगतियों को दूर करना।

  • कार्य का टारगेट 5,000 की आबादी के मानक के अनुरूप तय करना।

  • तीन और पांच साल की सेवा के आधार पर ‘लॉयल्टी बोनस’ प्रदान करना।

  • ‘बराबर काम, बराबर वेतन’ का नियम लागू कर कैडर सैंक्शन करना और सेवाओं को रेगुलर करना।

  • इंसेंटिव को सीधे सैलरी में मर्ज करना।

⚠️ सरकार की जिम्मेदारी

संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि इस हड़ताल के दौरान ग्रामीण मरीजों को होने वाली किसी भी असुविधा या स्वास्थ्य सेवाओं में रुकावट के लिए सीधे तौर पर हेल्थ डिपार्टमेंट और पंजाब सरकार जिम्मेदार होगी। मेजर सिंह, गुरप्यार सिंह और हरप्रीत सिंह समेत अन्य नेताओं ने एक जुट होकर सरकार से तुरंत बातचीत की अपील की है ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था को चरमराने से रोका जा सके।

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