Haryana Politics: अनिल विज का बेबाक अंदाज; शहीद स्मारक के लिए 40 साल का संघर्ष और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़ी बात

चंडीगढ़: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने एक विशेष बातचीत में राष्ट्रीय और राज्य की राजनीति के विभिन्न पहलुओं पर खुलकर अपने विचार रखे। अपने स्पष्ट और बेबाक अंदाज के लिए प्रसिद्ध विज ने कहा कि राजनीति उनके लिए सत्ता का साधन नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है।
🚩 कांग्रेस और राहुल गांधी पर प्रहार
अनिल विज ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस आज अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी लगातार विफल हो रही है और जनता का विश्वास खो चुकी है। विज के अनुसार, विपक्षी दल अपनी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं (चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई) पर फोड़ते हैं, जबकि उन्हें अपनी कमियों का आत्ममंथन करना चाहिए।
🎖️ 40 साल का संघर्ष: भव्य शहीद स्मारक
अंबाला छावनी में बने भव्य शहीद स्मारक का जिक्र करते हुए विज भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि लगभग 40 साल के कड़े संघर्ष और 700 करोड़ रुपये की लागत से यह देश के सबसे भव्य स्मारकों में से एक बना है। उन्होंने दावा किया कि 1857 की क्रांति की शुरुआत मेरठ से पहले अंबाला छावनी में हुई थी। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस स्मारक का उद्घाटन करेंगे।
⚖️ प्रशासनिक जवाबदेही और ‘ग्रीवेंस कमेटी’
अधिकारियों को फटकार लगाने के आरोपों पर विज ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि जनता को न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा, “जब एक आम नागरिक हर जगह से हारकर आखिरी उम्मीद के रूप में ग्रीवेंस कमेटी के पास आता है, तो उसे न्याय दिलाना मेरा कर्तव्य है।” उन्होंने दोहराया कि वे आगे भी इसी तरह जनहित में काम करना जारी रखेंगे।
💼 लंबी राजनीतिक यात्रा और भविष्य
1970 से संगठन से जुड़े अनिल विज ने बताया कि उन्होंने कभी राजनीति में आने की व्यक्तिगत इच्छा नहीं रखी थी। बैंकिंग की नौकरी छोड़कर जनता के आग्रह पर वे चुनावी मैदान में उतरे और अब तक सात बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री से उनके संबंधों को लेकर फैलाए जा रहे विवाद केवल अफवाहें हैं। अंत में उन्होंने अपने चिर-परिचित शायराना अंदाज में कहा कि भाजपा लगातार मजबूत हो रही है और वे हमेशा जनता की सेवा के लिए तत्पर हैं।






