ब्रेकिंग
Jaipur Murder Case: जयपुर में पत्नी और 3 बेटियों का हत्यारा राहुल झा गिरफ्तार, खाटूश्यामजी और रींगस ... US-China Tension: चीन ने ईरान को दी थी अमेरिकी एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीरें? जॉर्डन हमले में 3 US सैन... Ganga Aarti in London: लंदन में टेम्स नदी के किनारे पहली बार हुई भव्य गंगा आरती, दीपों से जगमगाया कि... BSF Rescue Operation: सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने बचाई 10 बांग्लादेशी नागरिकों की जान, 30 दिन के नव... Belagavi Murder News: कर्नाटक में 2 महीने से लापता महिला का गन्ने के खेत में मिला कंकाल, प्रेमी ने ब... Delhi Metro Arpan Kendra: पुराने कपड़ों से मिलेगा छुटकारा, दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर खुले अर्प... UCC in India: उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब 21 राज्यों की बारी, अमित शाह ने सेवा संकल्प अभियान के दौ... Chhath Puja Special Trains: दुर्गापूजा, दिवाली और छठ पर चलेंगी 18 स्पेशल ट्रेनें; दिल्ली-भागलपुर के ... Raebareli Murder Case: रायबरेली में प्रधान के बेटे की पीट-पीटकर हत्या, प्रेमिका ने फोन कर बुलाया; पत... UP PCS Transfer News: काशी विश्वनाथ मंदिर CEO विश्व भूषण मिश्र का ट्रांसफर, बने UPSSSC के नए उपसचिव;...
देश

Supreme Court on Aadhaar: आधार का इस्तेमाल नागरिकता या पते के प्रमाण के रूप में नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को भेजा नोटिस

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र, सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि UIDAI द्वारा जारी (आधार कार्ड) का उपयोग नागरिकता और पते के सबूत के तौर पर गलत तरीके से किया जा रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इसका दुरुपयोग घुसपैठियों और अवैध प्रवासियों द्वारा नागरिकता सिद्ध करने के लिए किया जा रहा है।

🏛️ कानून के खिलाफ वोटर रजिस्ट्रेशन में उपयोग

याचिकाकर्ता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने तर्क दिया है कि नए वोटर रजिस्ट्रेशन (फॉर्म-6) में आधार का इस्तेमाल जन्मतिथि और पते के सबूत के तौर पर करना कानून के खिलाफ है। याचिका में ‘आधार अधिनियम 2016’ की धारा 9 का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह स्पष्ट है कि आधार न तो नागरिकता का प्रमाण है और न ही निवास या जन्मतिथि का। 22 अगस्त 2023 को UIDAI द्वारा जारी अधिसूचना में भी इस बात को दोहराया गया था कि यह केवल पहचान की पुष्टि का माध्यम है।

🚫 दस्तावेजों में आधार के गलत इस्तेमाल पर सवाल

याचिका में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि आधार का उपयोग स्कूल दाखिले, प्रॉपर्टी की खरीद, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर रजिस्ट्रेशन जैसे कार्यों में पते और उम्र के सबूत के तौर पर किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि आधार एक्ट की मूल भावना के विपरीत इसका उपयोग सुरक्षा जोखिम और पहचान की गलत पहचान का कारण बन रहा है।

🔍 वेरिफिकेशन सिस्टम में बड़े बदलाव की मांग

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की गंभीरता को समझा। याचिका में चुनाव प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल होने वाले वेरिफिकेशन सिस्टम में व्यापक सुधार और निगरानी के लिए एक ‘हाई-लेवल मॉनिटरिंग कमिटी’ के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है। इस कमिटी में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, साइबर सिक्योरिटी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को शामिल करने की मांग की गई है ताकि भविष्य में पहचान की किसी भी तरह की धांधली को रोका जा सके।

Related Articles

Back to top button