ब्रेकिंग
Panchkula Sector 6 Hospital Update: सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारें और स्टाफ की कमी, मरीजों को जाना... Inspirational Story: तबेले की मिट्टी से नेशनल वॉलीबॉल तक का सफर! खंडवा की श्रद्धा और ऋषिका की मिसाल MP News: ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में क्या है लेटेस्ट अपडेट? गिरिबाला सिंह की बेल पर अब अगले हफ्ते हो... Pakistan Cricket Board Update: इंग्लैंड में फजीहत के बाद मोहसिन नकवी एक्शन में, वहाब रियाज की भी हो ... Tom Holland and Zendaya News: क्या सच में हुई है टॉम हॉलैंड और जेंडाया की शादी? वायरल तस्वीरों और खब... Nepal China Border Disaster: बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता लोगों की तलाश तेज, मोबाइल और वॉट्सऐप स्टेट... HDFC Bank MD Search: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक के नए बॉस की तलाश अंतिम दौर में, निवेशकों की टिक... Oppo Launch Event 2026: ओप्पो जल्द पेश करेगा Find X10 और Find X10 Pro Max, साथ में आएंगे वॉच और बड्स Vastu Tips for Home Center: वास्तु के अनुसार कैसा होना चाहिए घर का ब्रह्मस्थान? जानें किन चीजों से ब... Methi Dana Side Effects: क्या आप भी रोज खाते हैं भीगे हुए मेथी दाना? इन लोगों के लिए जहर समान है इसक...
छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Engineer Strike: जैजैपुर में इंजीनियर से मारपीट के बाद गरमाया माहौल; पूरे प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी

सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में सब इंजीनियर शरद देवांगन के साथ हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी मुख्य आरोपी, जनपद उपाध्यक्ष सीताराम चंद्रा की गिरफ्तारी न होने से नाराज ‘छत्तीसगढ़ इंजीनियर डिप्लोमा एसोसिएशन’ अब अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैल जाएगा।

⚖️ क्या है पूरा मामला?

जैजैपुर जनपद पंचायत में पदस्थ आरईएस सब इंजीनियर शरद देवांगन के साथ बीजेपी जनपद उपाध्यक्ष सीताराम चंद्रा और उनके समर्थकों पर कमरे में बंद कर मारपीट करने का गंभीर आरोप है। पीड़ित अधिकारियों का आरोप है कि शुरुआत में राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने शिकायत दर्ज करने में टालमटोल की। बाद में दबाव के चलते एफआईआर तो दर्ज कर ली गई, लेकिन आरोपी नेता की गिरफ्तारी न होने से विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।

⚠️ पूरे प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी

इंजीनियर संघ के पदाधिकारी एचसी राठौर ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक कोई भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि सात दिनों के भीतर गिरफ्तारी न होने पर यह आंदोलन सिर्फ जनपद स्तर तक सीमित न रहकर पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में एक बड़ा रूप ले लेगा। संघ का कहना है कि वे इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाएंगे और दोषियों को सजा दिलाकर रहेंगे।

Related Articles

Back to top button