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मध्यप्रदेश

Terror Module Exposed: भोपाल एटीएस की बड़ी कार्रवाई; ‘लोन वुल्फ’ मॉड्यूल तैयार करने वाले सरगना की रिमांड खत्म

भोपाल: मध्य प्रदेश एटीएस की आतंक विरोधी जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी इजहार उल हक को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच भोपाल की विशेष अदालत में पेश किया गया। इस मामले में फराज, नईम और शाकिर मेव पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं।

🕸️ कई राज्यों से जुड़ा आतंकी नेटवर्क

एटीएस की जांच में यह सामने आया है कि इजहार उल हक देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त एक बड़े नेटवर्क का मुख्य सरगना था। आरोपी का नेटवर्क केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक जुड़े हुए थे। एटीएस अब डिजिटल उपकरणों और मोबाइल डेटा के जरिए उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को खंगाल रही है।

📉 ‘लोन वुल्फ’ हमले और शरिया व्यवस्था की साजिश

जांच में खुलासा हुआ कि यह मॉड्यूल सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के इशारे पर काम कर रहा था।

  • मकसद: लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़कर देश में ‘खिलाफत’ और शरिया आधारित व्यवस्था लागू करना।

  • कार्यप्रणाली: एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं का ब्रेनवाश करना और उन्हें ‘लोन वुल्फ’ (Lone Wolf) हमलावरों के रूप में तैयार करना।

  • प्रशिक्षण: आरोपी विदेशों में जाकर आतंकी ट्रेनिंग लेने की तैयारी में थे, जिसके लिए कई ने पासपोर्ट भी बनवा लिए थे।

👮 एटीएस की निरंतर कार्रवाई

इजहार उल हक के अलावा, भोपाल से मोहम्मद फराज, सहारनपुर (यूपी) से नईम अब्दुल्ला कुरैशी और अलवर (राजस्थान) से शाकिर मेव की गिरफ्तारी इस पूरे मॉड्यूल के खात्मे की दिशा में एक बड़ी सफलता है। फराज जैसे आतंकियों को पाकिस्तान से बाकायदा नया नाम और ‘टास्क’ सौंपे गए थे। एटीएस फिलहाल इन सभी के संपर्कों की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि इस स्लीपर सेल के बाकी बचे सदस्यों तक पहुँचा जा सके।

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