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मध्यप्रदेश

Gwalior JAH Hospital News: जया आरोग्य अस्पताल में पार्किंग के नाम पर खुली लूट; खुद अस्पताल के डॉक्टर ने किया स्टिंग, ठेकेदार पर कार्रवाई

ग्वालियर: अंचल के सबसे बड़े जया आरोग्य अस्पताल (JAH) में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों से पार्किंग के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली की जा रही थी। इस “पार्किंग माफिया” का पर्दाफाश तब हुआ, जब अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ. एमएल माहौर ने खुद ही एक स्टिंग ऑपरेशन कर दिया। इस औचक कार्रवाई के बाद पार्किंग ठेकेदार के स्टाफ में हड़कंप मच गया।

🚘 ऐसे पकड़ा गया अवैध वसूली का खेल

डॉ. माहौर अपनी निजी कार से अस्पताल परिसर में दाखिल हुए। तय नियमों के अनुसार कार का पार्किंग शुल्क 20 रुपये है, लेकिन कर्मचारियों ने सीधे 50 रुपये की रसीद थमा दी। जैसे ही डॉ. माहौर ने अपनी असली पहचान उजागर की, अवैध वसूली कर रहे कर्मचारियों के होश उड़ गए। यह स्पष्ट हो गया कि ठेकेदार अस्पताल आने वाले लोगों को खुलेआम लूट रहा था।

🚫 दादागिरी: “गाड़ी चोरी हुई तो ठेकेदार जिम्मेदार नहीं”

इस स्टिंग ऑपरेशन में ठेकेदार की एक और शर्मनाक सच्चाई सामने आई है। अस्पताल प्रशासन को जो रसीद थमाई गई, उस पर स्पष्ट लिखा है कि “वाहन चोरी होने या क्षतिग्रस्त होने पर ठेकेदार जिम्मेदार नहीं होगा।” इसका अर्थ यह है कि जनता से ढाई गुना ज्यादा शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड़ रहा है।

🏥 मरीजों पर पड़ता है आर्थिक बोझ

जेएएच में दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से मरीज आते हैं, जो पहले ही इलाज के खर्च से परेशान होते हैं। उन पर पार्किंग का यह अतिरिक्त बोझ और कर्मचारियों का अभद्र व्यवहार एक बड़ी समस्या बन गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने तत्काल प्रभाव से पार्किंग ठेकेदार पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, शर्तों के उल्लंघन के कारण ठेकेदार का टेंडर निरस्त करने की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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