ब्रेकिंग
Raipur Crime News: सूने मकानों को निशाना बनाने वाले चोर गिरोह का पर्दाफाश, 7 लाख के जेवरात के साथ 3 ... Bastar Dussehra 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर में की शिरकत, आदिवासियों से जल-जंगल बचाने क... CM Vishnu Deo Sai on Congress: सीएम विष्णु देव साय का कांग्रेस पर हमला, बोले- आदिवासियों को सिर्फ वो... Power Plant Coal Supply: देश में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए रेलवे की रफ्तार तेज, कोयला लदान में भार... Chirmiri Road Accident: बड़ा बाजार में अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, कई लोग घायल; अस्पता... Chhindwara News: आजीविका मिशन ने बदली ग्रामीण महिलाओं की किस्मत, समता समन्वयक दीपिका और देवी बनीं आत... Jabalpur News: नगर निगम स्कूल के गरीब बच्चों ने भरी उड़ान, 85% से ज्यादा अंक लाने पर मिला फ्री हवाई ... MP Weather Update: मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, इन जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट; पचमढ़ी म... Sheopur News: जयपुर की रंजिश ने लिया खूनी रूप, मौत के बाद श्योपुर-सवाई माधोपुर हाईवे पर शव रखकर प्रद... Bhopal Road Accident: एयरपोर्ट रोड पर बड़ा हादसा, अनियंत्रित होकर 20 फीट नीचे सर्विस लेन पर गिरा तेज...
मध्यप्रदेश

Environmental Initiative: इंदौर के राजेश मकवाना की अनोखी पहल; अब तक शहर में लगा चुके हैं हजारों पौधे

इंदौर: जन्मदिन पर अक्सर लोग महंगी वस्तुएं या केक गिफ्ट करते हैं, लेकिन इंदौर के राजेश मकवाना की सोच बिल्कुल अलग है। पिछले 39 वर्षों से वे जन्मदिन पर पौधे गिफ्ट करने की एक अनूठी मुहिम चला रहे हैं। उनकी इस छोटी सी शुरुआत ने आज एक बड़ा रूप ले लिया है और वे शहर में अब तक 25,000 से अधिक पौधे लगवा चुके हैं, जिसके चलते लोग उन्हें ‘वृक्ष मित्र’ के नाम से जानते हैं।

🌳 उपहार में ‘जीवन’ देने की शुरुआत

इस मुहिम की शुरुआत 1987 में हुई थी। राजेश का मानना है कि अन्य उपहारों के बजाय पौधा गिफ्ट करने से व्यक्ति उसे लगाता है और उसकी देखभाल भी करता है। उनका यह विचार लोगों को इतना पसंद आया कि अब लोग खुद उन्हें अपने जन्मदिन पर पौधा लेकर आने के लिए आमंत्रित करते हैं। यहाँ तक कि वे अनजान लोगों के जन्मदिन पर भी उन्हें शुभकामनाओं के साथ पौधा भेंट करने पहुंच जाते हैं।

🌿 अपने जन्मदिन पर भी बांटते हैं पौधे

राजेश मकवाना के लिए अपना जन्मदिन भी प्रकृति की सेवा का दिन होता है। वे अपने जन्मदिन पर 21 से 25 फलदार या आयुर्वेदिक पौधे मंदिर में ले जाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित करते हैं। नर्सरियों से विशेष रूप से पौधे चुनने के बाद, यदि कोई व्यक्ति पौधा लगाने में असमर्थ होता है, तो वे स्वयं सड़क के डिवाइडर या खाली सरकारी जमीन पर पौधे लगाते हैं।

🐦 पर्यावरण और पक्षियों का बसेरा

राजेश बताते हैं कि उनके द्वारा लगाए गए सैकड़ों पौधे अब विशाल वृक्ष बन चुके हैं। उन पर पक्षियों के घोंसले हैं और तरह-तरह की चिड़ियां व मधुमक्खियां वहां आकर्षित होती हैं। यह देखकर उन्हें जो आत्मिक सुख मिलता है, उसे वे प्रकृति की सबसे बड़ी सेवा मानते हैं। उनके इस अभियान से न केवल इंदौर की हरियाली बढ़ी है, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी आई है।

Related Articles

Back to top button