Dry Eye Syndrome: आंखों में चुभन और खुजली को न करें नजरअंदाज; जानें डॉक्टर की सलाह और सही बचाव

स्वास्थ्य डेस्क: आजकल की जीवनशैली में ‘ड्राई आई’ (Dry Eye) की समस्या आम हो गई है। जब आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बनते या वे जल्दी सूख जाते हैं, तो आंखों में जलन, चुभन और लालपन जैसी शिकायतें होने लगती हैं। लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने से पलकें झपकाना कम हो जाता है, जो इस समस्या का एक बड़ा कारण है।
🔎 आंखों में सूखापन होने के प्रमुख कारण
नेशनल आई इंस्टीट्यूट (NEI) के अनुसार, ड्राई आई के पीछे सिर्फ स्क्रीन टाइम ही नहीं, बल्कि कई अन्य कारक भी जिम्मेदार हो सकते हैं:
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बढ़ती उम्र: उम्र बढ़ने के साथ आंसू बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
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पर्यावरण: धूल, धुआं, तेज हवा या कम नमी वाला वातावरण।
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मेडिकल कारण: कुछ दवाओं का सेवन, आंखों की सर्जरी या ऑटोइम्यून बीमारियां।
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जीवनशैली: कॉन्टैक्ट लेंस का लंबे समय तक उपयोग और हार्मोनल बदलाव।
⚠️ इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण बार-बार महसूस हो रहे हैं, तो सावधान हो जाएं:
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आंखों में लगातार जलन, चुभन या लालपन रहना।
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धुंधला दिखाई देना या रोशनी के प्रति संवेदनशीलता।
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ऐसा महसूस होना कि आंख के भीतर कोई बाहरी कण (जैसे रेत) फंसा हुआ है।
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आंखों से अचानक जरूरत से ज्यादा पानी आना।
🛡️ ड्राई आई से बचाव के उपाय
आंखों की सुरक्षा के लिए अपनी आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करें:
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20-20-20 नियम: हर 20 मिनट में स्क्रीन से ब्रेक लें और 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।
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पलकें झपकाएं: स्क्रीन देखते समय सचेत रहकर बार-बार पलकें झपकाने की कोशिश करें।
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हाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी न होने दें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
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डॉक्टरी सलाह: अगर समस्या बनी रहती है, तो खुद से दवा लेने के बजाय आंखों के डॉक्टर (Ophthalmologist) से सलाह लेकर ही आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें।






