Ayodhya Ram Mandir News: दान चोरी मामले में एसआईटी का एक्शन, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के नेटवर्क पर शिकंजा

अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद बढ़ी भीड़ का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने अवैध वसूली का बड़ा खेल शुरू कर दिया था। विशेष जांच दल (एसआईटी) की पड़ताल में यह सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने एक संगठित गिरोह बनाकर वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से लाखों रुपये वसूले। यह गिरोह ट्रस्ट द्वारा निःशुल्क जारी किए जाने वाले प्रोटोकॉल पास के नाम पर लोगों को ठग रहा था।
🚫 व्यवस्था का दुरुपयोग और वित्तीय नेटवर्क
एसआईटी की जांच के अनुसार, मंदिर परिसर में वीआईपी पास की निःशुल्क व्यवस्था को इस गिरोह ने अपनी कमाई का जरिया बना लिया था। श्रद्धालुओं को जल्द दर्शन कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठी जाती थी। जांच एजेंसियां अब इस रैकेट से जुड़े मोबाइल कॉल डिटेल्स, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि इस नेटवर्क में मंदिर के कुछ कर्मचारियों और बाहरी लोगों की मिलीभगत के पुख्ता संकेत मिले हैं, जिससे आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
🧐 चंपत राय और वीएचपी की भूमिका पर सवाल
दान चोरी और अवैध वसूली के इस मामले ने राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसआईटी ने इस मामले में चंपत राय से भी लंबी पूछताछ की है, हालांकि उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे दुनियाभर के हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीएचपी फिलहाल जांच का इंतजार करेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
⚖️ जांच की दिशा और भविष्य की कार्रवाई
आलोक कुमार ने साफ शब्दों में कहा है कि इस मामले में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद पर हो, यदि दोषी पाया जाता है तो कानून अपना काम करेगा। फिलहाल एसआईटी हर उस पहलू की पड़ताल कर रही है जिससे यह पता चल सके कि मंदिर की पवित्रता और दान की राशि की सुरक्षा में चूक कहां हुई। अयोध्या के इस मामले पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह आस्था के केंद्र की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है।






