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मध्यप्रदेश

Datia By-Election: नरोत्तम मिश्रा के गढ़ में आशुतोष तिवारी की एंट्री, जानें क्या है भाजपा की नई रणनीति?

मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव होना है, लेकिन मतदान से पहले ही राजनीतिक पारा चरम पर है। भाजपा के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने से उनके समर्थकों में भारी नाराजगी है। समर्थकों का विरोध प्रदर्शन और पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज के बाद से दतिया का माहौल तनावपूर्ण है। भाजपा ने इस सीट के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है।

🧐 आखिर आशुतोष तिवारी को ही क्यों चुना गया?

दतिया उपचुनाव के बीच आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाना भाजपा का एक बड़ा रणनीतिक फैसला माना जा रहा है। आशुतोष तिवारी पूर्व हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी ने इस बार न केवल अनुभव, बल्कि संगठन के प्रति निष्ठा और जमीनी पकड़ को सबसे ज्यादा महत्व दिया है। आशुतोष तिवारी का छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। उनकी साफ-सुथरी छवि और राज्य भर में आवासीय परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने की उनकी क्षमता ने उन्हें इस दावेदारी में सबसे आगे खड़ा किया।

🛡️ संघर्षशील और सरल व्यक्तित्व की पहचान

आशुतोष तिवारी की छवि एक संघर्षशील कार्यकर्ता और सरल स्वभाव के राजनेता के रूप में है। हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का जो कार्य किया, उसने उनकी लोकप्रियता को बढ़ाया। वे लंबे समय से संगठन के अनुशासित सिपाही के तौर पर काम कर रहे हैं, जिसका इनाम उन्हें इस बार चुनावी मैदान में उतरकर मिला है।

🚩 क्या नरोत्तम मिश्रा का गढ़ बचा पाएगा भाजपा?

दतिया को लंबे समय तक पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का अभेद्य किला माना जाता रहा है। वे इस क्षेत्र से कई बार विधायक रहे हैं, यही कारण है कि उनके समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। जानकारों का कहना है कि पार्टी ने इस बार स्थानीय और जातीय समीकरणों को साधने के लिए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आशुतोष तिवारी पार्टी के इस भरोसे और चुनावी चुनौती पर कितने खरे उतरते हैं।

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