ब्रेकिंग
Ranchi News: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में भारी बवाल, छात्र संगठनों और शिक्षकों के बीच... Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम में चमत्कार, मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला इलाज के बाद सकुशल अपने घर... Bokaro News: जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बोकारो में कांग्रेस का प्रदर्शन, शिक्षा ... Palamu News: चर्चित विनीत तिवारी अपहरण हत्याकांड का मुख्य आरोपी प्रशांत तिवारी झांसी से गिरफ्तार, पु... Dhamtari News: स्वीडन में चमके धमतरी के सत्यांशु दीप, स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया कप में भारत को दिलाया क... Kawardha News: प्रधानमंत्री जन-मन योजना से बदली कवर्धा के वनांचल की तस्वीर, 3 किमी लंबी पक्की सड़क से... Bhilai News: भिलाई के सेंट्रल एवेन्यू पर दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ और डिवाइडर से टकराने से दो दोस्तों क... GPM News: पेपर लीक मामलों को लेकर गरमाई सियासत, पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने केंद्र सरकार पर बोला हमला Raipur News: भाजपा-कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान बड़ा बवाल, पुलिसकर्मियों पर पथराव के बाद 12 कांग्रेसियो... Chhattisgarh Guest Teachers Protest: संविलियन की मांग को लेकर अड़े अतिथि शिक्षक, हिंदी भवन के सामने स...
छत्तीसगढ़

Manendragarh News: भरतपुर के बॉयज हॉस्टलों में अधीक्षकों की पोस्टिंग पर विवाद, जिला पंचायत सदस्य ने लगाए गंभीर आरोप

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: भरतपुर विकासखंड के बॉयज हॉस्टलों में अधीक्षकों की नई पदस्थापना को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थायी समिति की सभापति सुखमंती सिंह ने इस नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका सीधा आरोप है कि सहायक आयुक्त कार्यालय और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की मिलीभगत से ये नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाकर इन पदस्थापनाओं को तुरंत निरस्त करने की मांग की है। साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो मजबूरन कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जोरदार आंदोलन किया जाएगा।

🏫 छात्रावास अधीक्षक की पोस्टिंग पर उठे गंभीर सवाल और खामियां

जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह ने कहा कि छात्रावास अधीक्षक जैसे बेहद संवेदनशील पद पर नियुक्ति करते वक्त नियमों की जमकर अनदेखी की गई है। स्थानीय और योग्य शिक्षकों को प्राथमिकता देने के बजाय दूरदराज के क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। कई अधीक्षक ऐसे हैं जिनकी पदस्थापना उनके मूल विद्यालय से 50 से 80 किलोमीटर दूर है, जिसके कारण उनकी नियमित उपस्थिति और रात्रि प्रवास (नाइट स्टे) पर सीधा असर पड़ना तय है। इसके अलावा, इस पूरी नियुक्ति प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों और बच्चों के पालकों की राय तक नहीं ली गई और केवल सिफारिश के आधार पर मनमाने ढंग से पदस्थापनाएं कर दी गईं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधीक्षकों की ऐसी अनुपस्थिति से हॉस्टलों में भोजन, पेयजल, सुरक्षा, रात्रि निगरानी और विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यह मामला सीधे तौर पर आदिवासी और गरीब विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

🗣️ विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने सभी आरोपों को किया सिरे से खारिज

उधर, जिला पंचायत सदस्य द्वारा लगाए गए इन तमाम गंभीर आरोपों को विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सचितानंद साहू ने पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि छात्रावास अधीक्षकों को दिया गया अतिरिक्त प्रभार उच्च स्तर पर यानी कलेक्टर और सहायक आयुक्त के आदेशानुसार दिया गया है। उनके मुताबिक, सहायक आयुक्त कार्यालय की तरफ से विकासखंड शिक्षा कार्यालय से इस संबंध में न तो कोई प्रस्ताव या अनुशंसा मांगी गई थी और न ही उनके कार्यालय द्वारा कोई नाम आगे भेजा गया था। बीईओ ने सफाई देते हुए कहा कि छात्रावासों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं देना हर अधिकारी की पहली प्राथमिकता है और उनके कार्यालय स्तर पर किसी भी तरह की कोई मिलीभगत या सिफारिश नहीं की गई है।

⚖️ प्रशासन के अगले कदम पर टिकी सबकी निगाहें

भले ही बीईओ सचितानंद साहू ने जिला पंचायत सदस्य के इन आरोपों का कड़ा जवाब दे दिया हो, लेकिन इस मामले में तूल पकड़ते विवाद पर फिलहाल विराम लगता नजर नहीं आ रहा है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या कोई आधिकारिक जांच बिठाई जाती है या नहीं।

Related Articles

Back to top button