Petrol Diesel Price Today: $100 के पार हुआ कच्चा तेल! 25 जुलाई को क्या हैं आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम?

ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं। यह मई के बाद पहला मौका है जब तेल की कीमतों में इतनी आग लगी हुई है। इस बीच भारत में भी 25 जुलाई 2026 को तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं। राहत की बात यह है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले कई दिनों की तरह आज भी तेल कंपनियों ने पुराने रेट ही जारी रखे हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
🌍 ईरान तनाव से बढ़ी आपूर्ति की चिंता, भारत में 25 मई से स्थिर हैं ईंधन के दाम
तेल की कीमतों में इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह ईरान से जुड़े तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं या समुद्री मार्गों पर असर पड़ता है, तो दुनिया भर में तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि, यह कीमत अभी भी अप्रैल के आखिर में बने 120 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर से कम है, जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वैश्विक बाजार में बड़ी चिंता पैदा हो गई थी। भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम 25 मई से स्थिर हैं। उस दिन सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल की कीमत में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद से कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
🏙️ दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के लेटेस्ट रेट्स
अगर प्रमुख शहरों की बात करें तो दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर है। इसके अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी पेट्रोल की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बनी हुई है। डीजल की कीमत इन शहरों में 100 रुपये से कम है, लेकिन हैदराबाद में डीजल ₹103.82 प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है।
⛽ भारत में कैसे तय होती हैं पेट्रोल और डीजल की कीमतें? जानिए मुख्य कारण
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई बड़े कारणों पर निर्भर करती हैं। सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कारण है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत। अगर कच्चा तेल महंगा होता है तो भारत में भी ईंधन की कीमत बढ़ने की संभावना रहती है। दूसरा बड़ा कारण डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है और इसका भुगतान डॉलर में किया जाता है। ऐसे में अगर रुपया कमजोर होता है तो तेल आयात करना महंगा पड़ता है, जिसका असर आम लोगों तक पहुंचता है।
💸 टैक्स, ढुलाई और राज्यों के वैट (VAT) से अलग-अलग शहरों में बदल जाते हैं दाम
इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से लगाए जाने वाले टैक्स, तेल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का खर्च (फ्रेट चार्ज) और मांग-सप्लाई की स्थिति भी पेट्रोल और डीजल की कीमत तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है। यही वजह है कि भारत के अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। हर राज्य अपने हिसाब से वैट (VAT) और अन्य टैक्स लगाता है, जिससे शहरों में कीमतें बदल जाती हैं।






