‘आंदोलन के पहले ही दिन इस्तीफा देना चाहते थे धर्मेंद्र प्रधान’, इंदौर में बोले कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

इंदौर: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र को लेकर एक बड़ा और सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि छात्र आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा देने का प्रस्ताव पार्टी नेतृत्व के समक्ष रख दिया था।
उस समय भारतीय जनता पार्टी ने इसे स्वीकार नहीं किया था, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदलने पर पार्टी ने त्यागपत्र स्वीकार करने का निर्णय लिया। इसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने बिना किसी देरी के तत्काल अपना पद छोड़ दिया। विजयवर्गीय ने इसे एक अनुशासित और समर्पित भाजपा कार्यकर्ता की सच्ची पहचान बताया।
🌱 पौधरोपण अभियान के दौरान दिया बयान, बोले—’भारत को बांग्लादेश और श्रीलंका बनाने की विदेशी साजिश हुई नाकाम’
रविवार को इंदौर में विशाल पौधरोपण अभियान की शुरुआत के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र उन देशविरोधी ताकतों की साजिश को पूरी तरह विफल करने वाला कदम साबित हुआ, जो छात्र आंदोलन के माध्यम से देश में अस्थिरता, अराजकता और हिंसा फैलाने का कुत्सित प्रयास कर रही थीं।
उन्होंने दावा किया कि कुछ राष्ट्रविरोधी और विदेशी ताकतें भारत को पड़ोसी देश बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी हिंसक स्थिति में धकेलना चाहती थीं, लेकिन इस रणनीतिक त्यागपत्र के फैसले ने उनके सारे मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
🎯 कांग्रेस पर साधा निशाना: ‘पड़ोसी के घर बच्चा होने पर ढोल बजाने जैसा है कांग्रेस का रवैया’
कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर छात्र आंदोलन को जबरन राजनीतिक रंग देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद समूचा विपक्ष बेहद निराश और हताश था, जिसे छात्र आंदोलन में अपना राजनीतिक अवसर दिखाई दिया।
उनके अनुसार, इस छात्र आंदोलन में कांग्रेस सहित किसी भी विपक्षी दल की कोई वास्तविक भूमिका नहीं थी। विपक्ष के नेता केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण छात्रों के पीछे आकर खड़े हो गए। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि यदि पड़ोसी के घर बच्चा पैदा हो जाए और कांग्रेस बेवजह ढोल बजाने लगे, तो उसमें उसकी कोई भूमिका या योगदान सिद्ध नहीं हो जाता।
🚩 राहुल गांधी को दी RSS को समझने की सलाह, बताया देश के अनुशासन की रीढ़
कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचार और कार्यशैली को गहराई से समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि देश में आरएसएस नहीं होता, तो आज भारत की अखंडता और स्थिति की कल्पना करना भी बेहद कठिन होता।
उनके अनुसार, आज देश जिस अटूट व्यवस्था, देशभक्ति और अनुशासन के साथ वैश्विक पटल पर आगे बढ़ रहा है, उसके पीछे आरएसएस के लाखों स्वयंसेवकों की वर्षों की निस्वार्थ मेहनत, तपस्या और समर्पण है।






