दिल्ली में महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2500! ‘लक्ष्मी योजना’ को कैबिनेट की मंजूरी, रक्षाबंधन पर आएगी पहली किस्त

दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘लक्ष्मी योजना’ को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज दिल्ली की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक और बेहद खुशी का पल है। जिस कल्याणकारी योजना का दिल्ली की बहनों से वादा किया गया था, उस ‘लक्ष्मी योजना’ को आज राज्य कैबिनेट में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। इस योजना के तहत राज्य की सभी योग्य और पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
💳 1 अगस्त को लॉन्च होगा आधिकारिक पोर्टल, रक्षाबंधन पर मिलेगी पहली किस्त
दिल्ली कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस वार्ता में बताया कि योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए 1 अगस्त को एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च कर दिया जाएगा।
इसके बाद योग्य महिलाएं योजना के लिए अपना आवेदन कर सकेंगी। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आगामी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पात्र महिलाओं के बैंक खातों में योजना की पहली किस्त की राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी।
💰 बैंक खाते में सीधे DBT के माध्यम से ट्रांसफर होगी ₹2,500 की राशि
वास्तव में, ‘लक्ष्मी योजना’ दिल्ली सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख आर्थिक सहायता योजना है।
इस योजना के तहत चयनित और पात्र लाभार्थी महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की सम्मान राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer – DBT) के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाना, उन्हें रोजमर्रा के खर्चों के लिए आत्मनिर्भर बनाना और समाज में उनका आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है।
📋 किसे मिलेगा ‘लक्ष्मी योजना’ का लाभ? जानें अनिवार्य पात्रता और शर्तें
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सरकार द्वारा कुछ प्रमुख मानदंड तय किए गए हैं:
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स्थायी निवास: आवेदक महिला दिल्ली की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
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पहचान व दस्तावेज: महिला के पास मान्य पहचान पत्र और पहचान दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए।
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बैंक खाता लिंक: लाभार्थी महिला का व्यक्तिगत बैंक खाता अनिवार्य रूप से आधार संख्या से लिंक और डीबीटी (DBT) इनेबल्ड होना चाहिए।
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आय सीमा: आवेदक महिला के परिवार की कुल वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।






