कुरुक्षेत्र LNJP अस्पताल में महिला की मौत पर परिजनों का जोरदार हंगामा! इलाज में लापरवाही का आरोप, डॉक्टर बोले- 45 मिनट दिया CPR

कुरुक्षेत्र (हरियाणा): कुरुक्षेत्र स्थित लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल में मंगलवार को एक 30 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
मृतक महिला की पहचान कुरुक्षेत्र के गांव कम्बोड़ा निवासी निशा उर्फ मनीषा के रूप में हुई है, जो चार बच्चों की मां थी। महिला की मौत के तुरंत बाद परिजनों ने अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया।
🚑 पिहोवा से प्राथमिक उपचार के बाद LNJP कुरुक्षेत्र किया गया था रेफर
मृतका के पति अजय कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह अचानक उसकी पत्नी मनीषा के सीने में तेज दर्द उठा था।
हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत पिहोवा स्थित नागरिक अस्पताल (Civil Hospital) ले गए, जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए LNJP अस्पताल कुरुक्षेत्र रेफर कर दिया था।
💉 “दर्द से तड़पती रही मरीज, नर्स ने नहीं दी ध्यान”: परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि LNJP अस्पताल पहुंचने के बाद मनीषा को जो अपेक्षित और त्वरित उपचार मिलना चाहिए था, वह नहीं दिया गया।
पति के अनुसार, ऑन-ड्यूटी नर्स ने दो इंजेक्शन लगाए, लेकिन इसके बाद मरीज की बिगड़ती हालत पर कोई ध्यान नहीं दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि मनीषा दर्द से तड़प रही थी और उसकी सास ने कई बार जाकर ड्यूटी पर तैनात नर्स से मरीज को देखने की गुहार लगाई, लेकिन कथित तौर पर नर्स ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और कुछ ही देर में मनीषा ने दम तोड़ दिया। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा कर जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
🩺 “45 मिनट तक दिया गया CPR, बचाने का किया हर संभव प्रयास”: डॉक्टर जयंत कुमार
दूसरी ओर, LNJP अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर जयंत कुमार ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
उन्होंने बताया कि जैसे ही मरीज को अस्पताल लाया गया, मेडिकल टीम ने तुरंत आपातकालीन उपचार शुरू कर दिया था। डॉक्टर के अनुसार, मरीज की क्रिटिकल स्थिति को देखते हुए उसे बचाने के लिए लगभग 45 मिनट तक लगातार सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) दिया गया, लेकिन शरीर में कोई प्रतिक्रिया न होने के कारण उसकी मौत हो गई।
🚔 पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का सही पता चल सकेगा। फिलहाल परिजन मामले में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग पर अड़े हुए हैं।






