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“पैलेट गन के दावे पूरी तरह झूठे”: जंतर-मंतर हिंसा पर दिल्ली पुलिस का बड़ा बयान, RAF और DCP पर लगे आरोपों को नकारा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हुई हिंसा के दौरान पैलेट गन (Pellet Gun) का इस्तेमाल किए जाने के तमाम आरोपों और दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

दिल्ली पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, नई दिल्ली के डीसीपी (DCP) सचिन शर्मा ने पैलेट गन चलाने का कोई आदेश जारी नहीं किया था और न ही उनके साथ तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कंपनी ने इनका प्रयोग किया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जब भी इस प्रकार की बड़ी कानून-व्यवस्था की कॉल होती है, तो आउटसोर्स बल या पैरामिलिट्री की संबंधित कंपनी इलाके के डीसीपी के पास रिपोर्ट करती है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई की अनुमति ली जाती है।

📋 डीसीपी ने दिए थे सामान्य निर्देशों पर हस्ताक्षर, पुलिस ने पूछा- क्या आयोजकों की कोई जवाबदेही नहीं थी?

पुलिस सूत्रों ने स्पष्ट किया कि ऑन-ड्यूटी डीसीपी द्वारा जिन प्रशासनिक दस्तावेजों व फॉर्मेट्स पर हस्ताक्षर किए गए थे, वे केवल सामान्य सुरक्षा इंतजामों (जैसे लाठी, बैरिकेड्स और टियर गैस) से संबंधित थे, उसमें पैलेट गन का कोई विकल्प या आदेश शामिल नहीं था।

इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजकों की गंभीर लापरवाहियों पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का कहना है कि आयोजक अभिजीत की तरफ से सौरभ दास ने प्रदर्शन की अनुमति ली थी। उनसे बार-बार वॉलंटियर्स तैनात करने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए साउंड/स्पीकर सिस्टम की व्यवस्था करने को कहा गया था, लेकिन उनकी तरफ से कोई सहयोग नहीं मिला।

🏟️ 1000 की क्षमता वाली जगह पर पहुंचे 5000 से अधिक लोग, पुलिस ने संभाला मोर्चा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए अधिकतम 1,000 लोगों की क्षमता निर्धारित है, लेकिन वहां 5,000 से भी अधिक प्रदर्शनकारी एकत्र हो गए।

स्थिति बिगड़ने पर जब भीड़ को रामलीला मैदान स्थानांतरित होने के लिए कहा गया, तो प्रदर्शनकारियों ने जाने से साफ इनकार कर दिया। अंततः भीड़ नियंत्रण और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस को ही अपने वॉलंटियर्स आंदोलनकारियों के बीच भेजने पड़े, जो लगातार लोगों से उपद्रव न करने की अपील कर रहे थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पूरी घटना में आयोजकों की ओर से घोर लापरवाही बरती गई।

❌ पैलेट गन से 8 गोलियां चलाने के दावों को बताया मनगढ़ंत, संसद में गृह मंत्री से जवाब की मांग पर अड़ा विपक्ष

इससे पूर्व मीडिया के एक वर्ग में यह दावा किया जा रहा था कि आरएएफ (RAF) ने 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पैलेट गन से आठ चक्र गोलियां चलाई थीं।

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने औपचारिक रूप से प्रेस वक्तव्य जारी कर इन दावों को पूरी तरह भ्रामक, मनगढ़ंत और सत्य से परे करार दिया है। वहीं, दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक हलकों में विवाद गहराता जा रहा है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं और संसद में गृह मंत्री से इस पर आधिकारिक बयान देने की मांग कर रहे हैं।

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