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छत्तीसगढ़

सूरजपुर की जयनगर सहकारी समिति में 20 लाख का खाद घोटाला, रिकॉर्ड से गायब पाई गईं यूरिया व डीएपी की बोरियां

सूरजपुर (छत्तीसगढ़): खरीफ सीजन के ऐन मौके पर जहां एक ओर किसान खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं सूरजपुर जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जयनगर में बड़े खाद घोटाले का पर्दाफाश हुआ है।

प्रारंभिक विभागीय जांच में समिति के भौतिक स्टॉक और आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच लगभग 20 लाख रुपये मूल्य की खाद का भारी अंतर (शॉर्टेज) पाया गया है। मामला उजागर होने के बाद सहकारिता क्षेत्र और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

🌾 खाद के लिए 20 दिनों से भटक रहे थे किसान, कलेक्टर रेना जमील के निर्देश पर हुई अचानक जांच

जयनगर सहकारी समिति में किसानों को समय पर खाद-बीज न मिलने और कालाबाजारी की लगातार गंभीर शिकायतें जिला प्रशासन तक पहुंच रही थीं।

इन शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने तत्काल कड़े जांच के आदेश जारी किए। इसके बाद सहकारिता विभाग की टीम ने जांच शुरू की। शुरुआत में प्रभारी समिति प्रबंधक को जांच के लिए तलब किया गया, लेकिन वह टालमटोल करता रहा। बाद में प्रशासनिक कड़ाई और सहायता से उसे उपस्थित कराकर समिति का औचक निरीक्षण और स्टॉक का मिलान किया गया।

⚖️ गंभीर अनियमितता पर गिरी गाज: समिति अध्यक्ष और प्रभारी प्रबंधक तत्काल प्रभाव से हटाए गए

सहकारिता विभाग के प्रभारी उप आयुक्त अनिल कुमार बनज ने बताया कि भौतिक सत्यापन के दौरान 1,356 बोरी डीएपी (DAP), 502 बोरी यूरिया और 137 बोरी एसएसपी (SSP) खाद स्टॉक से गायब पाई गई।

प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता और गबन का मामला साबित होने पर जांच को प्रभावित होने से रोकने के लिए समिति अध्यक्ष और प्रभारी प्रबंधक को पदमुक्त कर दिया गया है तथा नए प्रभारी को समिति का प्रभार सौंप दिया गया है।

💬 “किसानों को बुलाकर गायब हो जाता था प्रबंधक”: प्रभारी उप आयुक्त अनिल कुमार बनज का बयान

पूरे मामले का ब्योरा देते हुए प्रभारी उप आयुक्त सहकारिता अनिल कुमार बनज ने कहा, “कलेक्टर मैडम को शिकायत मिली थी कि जयनगर में किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। हमने प्रबंधक से पूछा तो उसने इनकार कर दिया। जब हमने औचक निरीक्षण किया, तो पता चला कि किसान वाकई 15-20 दिनों से भटक रहे थे। प्रबंधक किसानों को बुलाता था और खुद गायब हो जाता था। निरीक्षण में 20 लाख रुपये के खाद का शॉर्टेज मिला है।”

📋 विस्तृत जांच जारी: पुष्टि होने पर दर्ज होगी एफआईआर, होगी कठोर कानूनी कार्रवाई

अनिल कुमार बनज ने स्पष्ट किया कि इस पूरे फर्जीवाड़े की बिंदुवार विस्तृत जांच जारी है।

उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर यदि खाद की कालाबाजारी, अमानत में खयानत या गबन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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