राम मंदिर दर्शन पास व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब 3 अधिकृत CA की आईडी से जारी होंगे VIP पास, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम

अयोध्या (उत्तर प्रदेश): अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भव्य राम मंदिर में रामलला के दर्शन की पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
नए बदलाव के तहत अब मंदिर में वीआईपी (VIP) और विशेष श्रेणी के दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा अधिकृत तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) की डिजिटल आईडी (Digital ID) के माध्यम से संचालित की जाएगी। ट्रस्ट का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से पास वितरण प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, अनधिकृत हस्तक्षेप या दुरुपयोग की संभावनाओं को पूरी तरह समाप्त किया जा सकेगा।
⚙️ दर्शन पास प्रणाली का आधुनिकीकरण, पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासनिक सुधार तेज
राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा पूर्व ट्रस्टियों के इस्तीफे के बाद श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था में कोई बाधा न उत्पन्न हो, इसके लिए यह त्वरित फैसला लिया गया है।
ट्रस्ट के अनुसार, दर्शन पास प्रणाली में लगातार तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए जा रहे हैं ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के पारदर्शी और सुगम तरीके से दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो सके। यह नई पास प्रणाली इसी व्यापक सुधार अभियान का एक मुख्य हिस्सा है।
🪪 पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्र की आईडी निष्क्रिय, अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की आईडी सक्रिय
यह नई व्यवस्था पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की लॉगिन आईडी पूरी तरह बंद होने के पश्चात लागू की गई है।
उल्लेखनीय है कि पहले चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की आईडी से ही प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पास जारी किए जाते थे। दोनों ट्रस्टियों के इस्तीफे के बाद श्रद्धालुओं से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों का संचालन फिलहाल अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की सीधी निगरानी में हो रहा है। अब अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की नई आईडी भी सक्रिय कर दी गई है, जिसके जरिए नियमित रूप से आम व खास दर्शन पास जारी किए जा रहे हैं।
⏱️ जिला प्रशासन और पुलिस का कोटा तय, रोजाना 6 स्लॉट में दिए जा रहे 1800 दर्शन पास
राम मंदिर दर्शन पास व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग का अलग-अलग दैनिक कोटा निर्धारित किया गया है।
वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 1,800 दर्शन पास जारी किए जाते हैं, जिन्हें पूरे दिन में 6 अलग-अलग समय स्लॉट में विभाजित किया गया है। प्रत्येक स्लॉट की अवधि 2 घंटे तय की गई है, जिसमें लगभग 300 श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से प्रवेश पास उपलब्ध कराए जाते हैं। इन्हीं समय स्लॉट्स के अंतर्गत ही विशिष्ट (VIP) और सुगम दर्शन के पास भी श्रद्धालुओं को आवंटित किए जाते हैं।
💻 CA की डिजिटल आईडी से ही बनेंगे विशेष पास, अनधिकृत उपयोग पर पूरी तरह रोक
नई और सख्त व्यवस्था के अंतर्गत केवल ट्रस्ट द्वारा पंजीकृत तीन सीए (CA) की लॉगिन आईडी के माध्यम से ही विशेष श्रेणी के पास जेनरेट किए जा सकेंगे।
इससे जारी किए गए प्रत्येक पास का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड और डेटाबेस सुरक्षित रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट ने जिन तीन अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को यह जिम्मेदारी सौंपी है, उनकी व्यक्तिगत डिजिटल आईडी के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति या कर्मचारी को इस सिस्टम का उपयोग करने की तकनीकी अनुमति नहीं होगी।






