कुलगाम आतंकी हमले में शहीद भूपेंद्र भैना के परिजनों का छलका दर्द: अंतिम दर्शन तक नहीं हुए; पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने जताया शोक

सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़): जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम छुईहा निवासी भूपेंद्र भैना के परिजनों का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
दुखद घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों का दावा है कि सरकार द्वारा घोषित आर्थिक सहायता राशि उन्हें अब तक प्राप्त नहीं हुई है। अचानक हुए इस बज्रपात से पीड़ित परिवार इस समय गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहा है।
📞 पूर्व सीएम भूपेश बघेल और दीपक बैज ने फोन पर बंधाया ढांढस, हरसंभव मदद का दिया भरोसा
दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने हेतु विभिन्न नेताओं और जन प्रतिनिधियों के उनके निवास स्थान पहुंचने का क्रम जारी है।
रविवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवार से दूरभाष (फोन) पर वार्ता कर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें संबल प्रदान करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी परिजनों से बात कर दुख जताया। मृतक भूपेंद्र भैना की बहन अन्नू ने भावुक होते हुए बताया कि परिवार को अपने भाई का अंतिम दर्शन तक नसीब नहीं हो सका। उनका तीन वर्षीय मासूम भतीजा मानस भी अपने पिता को आखिरी बार नहीं देख पाया।
💬 “शहीद का पार्थिव शरीर तक नहीं ला सकी सरकार”: पूर्व संसदीय सचिव चंद्रदेव राय का कड़ा हमला
पीड़ित परिवार का दुख बांटने पूर्व संसदीय सचिव चंद्रदेव राय भी ग्राम छुईहा पहुंचे।
परिजनों से मुलाकात के उपरांत चंद्रदेव राय ने कहा कि, “जम्मू-कश्मीर सरकार ने 16 लाख रुपये और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। यह अत्यंत निर्धन और असहाय आदिवासी परिवार है, किंतु इस सरकार ने इतनी भी संवेदनशीलता नहीं दिखाई कि छत्तीसगढ़ के इस बेटे के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उसके गांव ला सके। दुखी परिवार को अपने बेटे का अंतिम चेहरा तक देखना नसीब नहीं हुआ और वहीं अंतिम संस्कार कर दिया गया।”
📢 “परिवार को मिले ₹1 करोड़ की सहायता राशि, सरकारी नौकरी और बच्चों की पूरी शिक्षा का खर्च”
पूर्व संसदीय सचिव चंद्रदेव राय ने सरकार के समक्ष मांग रखते हुए कहा:
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“इस आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो होनहार बेटों ने अपनी जान गंवाई है। हम राज्य और केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि पीड़ित परिवार को कम से कम 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाए।”
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“परिवार के किसी एक आश्रित सदस्य को अविलंब शासकीय सेवा (सरकारी नौकरी) में समायोजित किया जाए।”
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“शहीद के 3 वर्षीय मासूम बच्चे की संपूर्ण शिक्षा और चिकित्सा का पूरा दायित्व राज्य सरकार स्वयं वहन करे।”
🏛️ कलेक्टर व एसपी ने किया गांव का दौरा, नोडल अधिकारी नियुक्त; फिर भी सहायता राशि का इंतजार
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासनिक अमला भी हरकत में आया है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ की कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू तथा पुलिस अधीक्षक (SP) सुनील शर्मा ने मृतक के गांव पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से भेंट की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। जिला प्रशासन ने परिवार को सहायता एवं समन्वय स्थापित करने हेतु एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है। इन प्रशासनिक औपचारिकताओं के बावजूद परिजनों का कहना है कि उन्हें अब तक घोषित आर्थिक सहायता की वास्तविक राशि प्राप्त नहीं हो सकी है।






