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पंजाब चुनाव के लिए अमृतपाल सिंह की पार्टी का पहला उम्मीदवार घोषित: बस्सी पठाना सीट से केहर सिंह के बेटे सतवंत सिंह को मिला टिकट

अमृतसर (पंजाब): पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह के संगठन से जुड़ी राजनीतिक शाखा (अकाली दल – वारिस पंजाब दे) ने अपने पहले आधिकारिक उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है। पार्टी ने फतेहगढ़ साहिब जिले की बस्सी पठाना विधानसभा सीट से 61 वर्षीय सतवंत सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। सतवंत सिंह केहर सिंह के पुत्र हैं, जिन्हें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश रचने का दोषी पाया गया था और तिहाड़ जेल में फांसी की सजा दी गई थी।

🏛️ बस्सी पठाना सीट से लड़ेंगे चुनाव, तरसेम सिंह और सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने की घोषणा

अमृतसर में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘वारिस पंजाब दे’ के कार्यकारी अध्यक्ष एवं अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह तथा फरीदकोट के सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने सतवंत सिंह के नाम का आधिकारिक ऐलान किया।

61 वर्षीय सतवंत सिंह फतेहगढ़ साहिब के मुस्तफाबाद गांव के निवासी हैं और बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। वे पहली बार प्रत्यक्ष चुनावी राजनीति के मैदान में उतर रहे हैं।

📜 इंदिरा गांधी हत्याकांड का इतिहास और केहर सिंह की भूमिका

उल्लेखनीय है कि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सुरक्षाकर्मियों—बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

यह घटना अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में चलाए गए ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के प्रतिशोध के रूप में अंजाम दी गई थी। जांच एजेंसियों द्वारा केहर सिंह को इस हत्याकांड की आपराधिक साजिश का मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) माना गया था, जिसके उपरांत कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर 6 जनवरी 1989 को तिहाड़ जेल में उन्हें फांसी दे दी गई थी।

🗳️ 2024 के लोकसभा चुनाव में भी रहे सक्रिय, बेअंत सिंह के बेटे के लिए किया था चुनाव प्रचार

सतवंत सिंह के परिवार का जुड़ाव पूर्व में भी पंथिक और राजनीतिक गतिविधियों से रहा है।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने फरीदकोट संसदीय सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विजय प्राप्त करने वाले सरबजीत सिंह खालसा के समर्थन में व्यापक प्रचार किया था। ज्ञात हो कि सांसद सरबजीत सिंह खालसा इंदिरा गांधी हत्याकांड में शामिल रहे सुरक्षाकर्मी बेअंत सिंह के पुत्र हैं।

🚩 पंथिक सिद्धांतों और बलिदान देने वाले परिवारों का सम्मान है मुख्य एजेंडा

पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि पार्टी का ध्येय केवल सत्ता हासिल करना नहीं है, बल्कि पंथिक सिद्धांतों, पंजाब के जल व क्षेत्रीय अधिकारों तथा समुदाय हेतु बलिदान देने वाले परिवारों के योगदान को मान-सम्मान प्रदान करना है।

हाल ही में पार्टी पर लगे उन आरोपों को खारिज करते हुए, जिनमें कहा गया था कि संगठन पुराने पंथिक परिवारों से दूरी बना रहा है, तरसेम सिंह ने कहा कि केहर सिंह के पुत्र को नामांकित करना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। इसके साथ ही पार्टी ने सतवंत सिंह के भतीजे सुखविंदर सिंह अगवान को अपने केंद्रीय संसदीय बोर्ड में भी सम्मिलित किया है।

🔒 डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं अमृतपाल सिंह, जेल से ही जीता था 2024 का लोकसभा चुनाव

गौरतलब है कि संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह वर्तमान समय में असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत निरुद्ध हैं।

अमृतपाल सिंह ने वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव खडूर साहिब सीट से जेल में रहते हुए ही निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था और कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा को लगभग 1.97 लाख वोटों के विशाल अंतर से पराजित किया था। वे भारतीय संसदीय इतिहास में जेल में बंद रहते हुए चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचने वाले पहले जनप्रतिनिधि बने थे। उन्हें वर्ष 2023 में अजनाला पुलिस स्टेशन पर हुए हिंसक हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

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