ब्रेकिंग
Dhamanheri Youth Death in UK: बेहतर भविष्य के सपने लेकर इंग्लैंड गए 20 वर्षीय कंवलजीत की अचानक मौत Rewari Food Poisoning News: रेवाड़ी में कन्या पूजन का प्रसाद खाने से तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ी, द... Kurukshetra Police Encounter: कुरुक्षेत्र में पुलिस और नशा तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़, 40 लाख का... Tiger Shroff Firing Case: मात्र 34 हजार रुपए में ली गई थी टाइगर की सुपारी, कोटा से गिरफ्तार हुए तीनो... Haryana Police Transfer: हरियाणा में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल, 28 IPS-HPS अधिकारियों के तबादले Neeraj Kumar Health Update: JDU MLC उम्मीदवार नीरज कुमार को पड़ा दिल का दौरा, पटना के मेदांता अस्पता... Jharkhand Drugs Syndicate: झारखंड में NCB का बड़ा एक्शन, रांची और जमशेदपुर से मास्टरमाइंड जिम्मी समे... Tiger Shroff Firing Case Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार, फुटबॉल ... Stock Market Holiday Today: विजयादशमी पर आज बंद रहेगा शेयर बाजार, जानें कब होगी नॉर्मल ट्रेडिंग और क... Karnataka Crime News: कर्नाटक के विजयपुरा में अवैध संबंध के चक्कर में रची गई खौफनाक साजिश, पत्नी ने ...
हरियाणा

यमुनानगर में पराली जलाने पर बड़ी कार्रवाई: 3 महीने बाद किसान पर FIR दर्ज, ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर लगेगी रेड एंट्री

यमुनानगर (हरियाणा): फसल अवशेष (पराली) जलाने पर शासन-प्रशासन द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बावजूद खेत में आग लगाने के मामले में थाना छप्पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

घटना के तीन महीने बाद कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी किसान के विरुद्ध सोमवार को औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। खण्ड कृषि अधिकारी (जगाधरी) संतोष कुमार ने पुलिस को सौंपी गई शिकायत में बताया कि पराली प्रबंधन के निर्देशों के उल्लंघन का यह मामला तहसील जगाधरी के खुंडेवाला गांव में इसी वर्ष 9 मई को प्रकाश में आया था।

🌾 ग्राम स्तरीय कमेटी की जांच में खुलासा, 8 कनाल 19 मरला भूमि पर मिले फसल अवशेष जलाने के साक्ष्य

घटना की सूचना प्राप्त होने के उपरांत ग्राम स्तर पर गठित विशेष जांच समिति ने पिछले दिनों संबंधित गांव में मौका मुआयना किया।

स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गांव के किसान सूरजा राम के खेत में गेहूं की फसल के अवशेष जलाए गए थे। जांच अधिकारियों के अनुसार, लगभग 8 कनाल 19 मरला कृषि भूमि क्षेत्र में फसल के अवशेषों को जलाने के स्पष्ट साक्ष्य एवं अवशेष प्राप्त हुए, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया।

⚖️ 5,000 से 30,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान, ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर दर्ज होगी रेड एंट्री

पर्यावरण नियमों के अनुसार, खेत में फसल अवशेष जलाने पर प्रभावित क्षेत्रफल के आधार पर ₹5,000 से लेकर ₹30,000 तक के भारी-भरकम पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माने का स्पष्ट कानूनी प्रावधान है।

इसके अतिरिक्त दोषी किसान के भूमि रिकॉर्ड और राज्य सरकार के ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रेड एंट्री (Red Entry) दर्ज कर दी जाती है। रेड एंट्री दर्ज होने के दुष्परिणामस्वरूप संबंधित किसान आगामी सीजन तक अपनी कृषि उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी मंडियों में बेचने के अधिकार से वंचित हो जाता है।

📍 जियो-लोकेशन और किला नंबर के आधार पर हुई कार्रवाई, पुलिस ने शुरू की गहन पड़ताल

कृषि विभाग की विशेष टीम ने मौके की सटीक जियो-लोकेशन तथा खेत से संबंधित किला नंबर/खसरा नंबर को अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में दर्ज किया था।

खंड कृषि अधिकारी ने इसी जांच कमेटी की निष्पक्ष रिपोर्ट को आधार बनाते हुए किसान के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की अनुशंसा की थी। थाना छप्पर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि संबंधित धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज कर लिया गया है तथा मामले के सभी आवश्यक तथ्यों की गहनता से कानूनी जांच की जा रही है।

Related Articles

Back to top button