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महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में 36,211 कंपनियों के बंद होने की खबरों पर CM देवेंद्र फडणवीस का बड़ा स्पष्टीकरण, शरद पवार को लिखा पत्र

मुंबई (महाराष्ट्र): लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) सांसद राजाभाऊ वाजे द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के उत्तर के उपरांत महाराष्ट्र में विगत पांच वर्षों में 36,211 निजी कंपनियों के बंद होने को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कुछ नए राजनीतिक नेताओं ने संसद में दिए गए संक्षिप्त आंकड़ों का अपनी सुविधानुसार मनमाना अर्थ निकालकर सोशल मीडिया पर भ्रामक धारणा बनाई और कुछ मीडिया संस्थानों ने भी इसे सनसनीखेज रूप में प्रकाशित किया। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि शरद पवार महाराष्ट्र के समग्र विकास के प्रति सदैव संवेदनशील व वरिष्ठ मार्गदर्शक हैं, अतः उनके मन में किसी प्रकार का भ्रम अथवा गलतफहमी न रहे, इसलिए वे समूचे आधिकारिक आंकड़े और वास्तविक स्थिति पटल पर रख रहे हैं।

📊 बंद बताई जाने वाली कंपनियों में 76% ‘डिफंक्ट’, जो वास्तव में कभी धरातल पर शुरू ही नहीं हुईं

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जिन कंपनियों को बंद बताया जा रहा है, उनमें से लगभग 76 प्रतिशत कंपनियां ‘डिफंक्ट’ (Defunct/Dysfunctional) श्रेणी की हैं।

डिफंक्ट का तात्पर्य ऐसी कंपनियों से है जिन्होंने केवल कागजी पंजीकरण कराया था, किंतु वे वास्तव में कभी व्यावसायिक रूप से सक्रिय या संचालित हुईं ही नहीं। संसद के प्रश्नोत्तर में संक्षिप्त प्रारूप होने के कारण विस्तृत विवरण नहीं आ पाता, जबकि यह संपूर्ण डेटा कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल पर पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि बंद होने वाली कंपनियों में 76% डिफंक्ट, 12% विलय (Amalgamation) और 2% अन्य कारणों से समाप्त की गई कंपनियां शामिल हैं, जिन्हें नियमित अभियानों के तहत केवल रिकॉर्ड से ‘स्ट्राइक ऑफ’ किया जाता है।

📈 10 वर्षों में देश में 3 गुना बढ़ीं सक्रिय कंपनियां, 3.96 लाख कंपनियों के साथ महाराष्ट्र शीर्ष पर

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास की राष्ट्रीय प्रगति रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान में देश भर में कुल 31 लाख से अधिक कंपनियां पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 21 लाख कंपनियां सक्रिय रूप से कारोबार कर रही हैं:

  • वर्ष 2015-16 में सक्रिय कंपनियां: 6,78,768

  • वर्तमान में सक्रिय कंपनियां: 21,17,747 (विगत एक दशक में तीन गुना से अधिक की वृद्धि)

सक्रिय कंपनियों के मामले में देश भर में शीर्ष राज्यों की स्थिति:

  1. महाराष्ट्र: 3,96,211 कंपनियां (देश में प्रथम स्थान)

  2. दिल्ली: 2,72,342 कंपनियां

  3. उत्तर प्रदेश: 1,85,982 कंपनियां

मुख्यमंत्री ने दृढ़तापूर्वक कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की पावन भूमि महाराष्ट्र औद्योगिक और व्यावसायिक मोर्चे पर हमेशा देश में नंबर-1 रहा है और आगे भी नंबर-1 ही रहेगा।

🏢 नए उद्यम पंजीकरण में भी महाराष्ट्र अव्वल, वर्ष 2025-26 में अकेले 41 हजार से अधिक नई कंपनियां दर्ज

देश में औद्योगिक निवेश और नए स्टार्टअप्स की स्थापना के संदर्भ में भी महाराष्ट्र की अग्रणी स्थिति बरकरार है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, भारत में प्रतिवर्ष औसतन 1 लाख से अधिक नई कंपनियां पंजीकृत होती हैं और इसमें महाराष्ट्र का योगदान सर्वाधिक रहता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान प्रमुख राज्यों में नई कंपनियों के पंजीकरण के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • महाराष्ट्र: 41,525 नई कंपनियां

  • उत्तर प्रदेश: 27,494 नई कंपनियां

  • दिल्ली: 20,272 नई कंपनियां

  • कर्नाटक: 17,857 नई कंपनियां

  • तेलंगाना: 17,300 नई कंपनियां

  • तमिलनाडु: 17,024 नई कंपनियां

  • गुजरात: 14,666 नई कंपनियां

  • पश्चिम बंगाल: 10,598 नई कंपनियां

🏭 चाकण औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं पर सरकार संवेदनशील, तैयार हुआ शॉर्ट-टर्म व लॉन्ग-टर्म रोडमैप

पुणे के प्रसिद्ध चाकण औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी ढांचे (ट्रैफिक जाम, सड़क, बिजली और पानी) की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि वहां कुछ व्यावहारिक चुनौतियां विद्यमान हैं।

उन्होंने बताया कि इस विषय पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उद्योग मंत्री उदय सामंत को सीधे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) की पहल पर 12 अगस्त को जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD), पीएमआरडीए (PMRDA), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और जिला परिषद की संयुक्त उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। स्थानीय उद्यमियों और संघों से सीधे संवाद कर समस्याओं के समाधान हेतु एक अल्पकालिक (Short-term) और एक दीर्घकालिक (Long-term) कार्ययोजना (Roadmap) तैयार कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार चाकण अथवा महाराष्ट्र के किसी भी कोने से एक भी उद्योग बाहर नहीं जाने देगी और महाराष्ट्र प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) व औद्योगिक सुगमता में शीर्ष पर बना रहेगा।

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