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मध्यप्रदेश

MPPSC परीक्षा में दो ऑप्शन चुनने पर क्या होगा? हाईकोर्ट पहुंचा ओएमआर शीट और माइनस मार्किंग का विवाद

इंदौर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षाओं में ओएमआर शीट (OMR Sheet) के मूल्यांकन और नियमों को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की गई है।

इस याचिका में मुख्य रूप से यह विधिक सवाल उठाया गया है कि यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट में एक ही प्रश्न के उत्तर के लिए दो गोले भर देता है, तो उस प्रश्न को अमान्य माना जाएगा या नहीं। इसके साथ ही, क्या ऐसी स्थिति में अभ्यर्थी पर निगेटिव मार्किंग लागू होगी अथवा नहीं, इस पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।

📝 ओएमआर शीट में दो विकल्प चुनने पर क्या होगा? नियमों की स्पष्टता की मांग

हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में प्रस्तुत याचिका में परीक्षा प्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है:

  • मूल्यांकन पर स्पष्टता: याचिकाकर्ता ने मांग की है कि आयोग यह स्पष्ट करे कि यदि किसी अभ्यर्थी से मानवीय भूलवश दो विकल्प दर्ज हो जाते हैं, तो उसका अंतिम परिणाम और अंक गणना किस आधार पर की जाएगी।

  • उम्मीदवारों को अग्रिम सूचना: यह भी आग्रह किया गया है कि परीक्षा दिशानिर्देशों और प्रवेश पत्र में अभ्यर्थियों को पूर्व में ही स्पष्ट रूप से सूचित किया जाना चाहिए कि दो गोले भरने की दशा में क्या नियम लागू होंगे।

❓ गलती से दो गोले काले होने पर माइनस मार्किंग का संशय, अभ्यर्थियों में बना हुआ है भ्रम

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच इस प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से संशय बना हुआ है:

  • अंक कटने का डर: उम्मीदवारों में असमंजस है कि क्या दो गोले भरने पर केवल उस प्रश्न के अंक नहीं मिलेंगे या फिर निगेटिव मार्किंग के तहत सही प्रश्नों से भी अंक काट लिए जाएंगे।

  • स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता: स्पष्ट नियमों के अभाव में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी मूल्यांकन को लेकर निरंतर परेशान रहते हैं, जिसके चलते अब अदालत से आयोग को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने का निर्देश देने की गुहार लगाई गई है।

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