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कोरबा: जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसमी बीमारियों और खासकर मलेरिया का खतरा सामने आ चुका है. वनांचल क्षेत्र नकिया में एक साथ 40 से अधिक मरीज मिले थे. वहीं दूसरी तरफ शहरी इलाकों में इसके रोकथाम के उपाय ठप नजर आ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि नगर निगम के पास वर्तमान में एक भी चालू फॉगिंग मशीन (धुएं का छिड़काव) नहीं है. अब से लगभग 2 साल पहले निगम शहर के समीप एसईसीएल मुड़ापर के इलाकों में डेंगू फैला था. तब से लेकर अब तक जिले में फॉगिंग मशीन की खरीदी पूरी नहीं की जा सकी है.

इन ग्रामीण इलाकों में मलेरिया का प्रकोप

​हाल ही में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर नकिया और आसपास के इलाकों में मलेरिया के मरीजों के मिलने की पुष्टि हुई है. जानकारों के मुताबिक, बरसात के इस मौसम में जलजमाव और नमी के कारण मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है, जिससे मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे इन मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा रखी है.

​शहरी क्षेत्रों में संकरी गलियां और बंद फॉगिंग

​शहरी क्षेत्र घनी आबादी और संकरे मोहल्लों से घिरे हुए हैं. पूर्व में इन क्षेत्रों में फॉगिंग मशीनों के जरिए कीटनाशक धुएं का छिड़काव किया जाता था, जिससे न सिर्फ मच्छरों बल्कि अन्य कीट-पतंगों और मौसमी बीमारियों फैलाने वाले जीवाणुओं से भी सुरक्षा मिलती थी.

​लेकिन पिछले कुछ वर्षों से नगर निगम की लापरवाही के चलते यह व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है. नगर निगम की पुरानी फॉगिंग मशीनें खराब पड़ी हैं और उन्हें सुधारे जाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

​वर्तमान में बरसात का मौसम चरम पर है और इस वक्त फॉगिंग मशीनों की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है. लेकिन कोई उपाय नहीं किए जा रहे– स्थानीय

​कागज पर सिमटी नई मशीनों की खरीदी

मानसून आने के बाद अब नगर निगम द्वारा नई मशीनों के लिए नया टेंडर तो जरूर निकाला गया है, जिसमें आधुनिक तकनीक के तहत ‘बाइक माउंटेड मशीन’ की मांग भी शासन से की गई है. हालांकि, कागजी प्रक्रिया और लालफीताशाही के चलते यह खरीदी अभी तक अधूरी है.

पूर्व में फॉगिंग मशीन हमारे पास थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह खराब पड़ी है. फिलहाल हमने इसकी खरीदी प्रक्रिया को शुरू किया है. संकरी गलियों मोहल्ले में फॉगिंग के लिए हमने बाइक माउंटेड फागिंग मशीन की खरीदी के लिए भी तैयारी कर रखी है.- आशुतोष पांडेय, आयुक्त, नगर पालिक निगम कोरबा

​स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

बरसात के दिनों में जलभराव वाले स्थानों पर लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव और व्यक्तिगत सतर्कता (जैसे पूरी बांह के कपड़े पहनना और मच्छरदानी का उपयोग करना) बेहद जरूरी है. प्रशासन को टेंडर प्रक्रिया के साथ-साथ वैकल्पिक तरीकों से तुरंत एंटी-लार्वा स्प्रे का कार्य शुरू करना चाहिए.

बाइक माउंटेड फागिंग मशीन की मांग की गई

नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने बताया कि शीघ्र ही बड़ी मशीन के साथ बाइक माउंटेड मशीन की भी हम खरीदी करेंगे. इसके सार्वजनिक स्थानों पर दवा का छिड़काव किया जाएगा. फिलहाल नगर पालिक निगम क्षेत्र में कहीं पर भी मलेरिया या डेंगू के प्रकोप की जानकारी नहीं मिली है. हम इस पर नजर बनाए हुए हैं, स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कारगर कदम उठाए जा रहे हैं.

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