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मध्यप्रदेश

भोपाल के दीपशिखा अस्पताल में लगी भीषण आग: धुएं के बीच मरीजों को सीढ़ियों से निकाला, टला बड़ा हादसा

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के विद्यानगर स्थित दीपशिखा हॉस्पिटल में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। अस्पताल परिसर से अचानक आग की ऊंची लपटें और घना धुआं उठता देख वहां भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों और नर्सिंग स्टाफ में भगदड़ मच गई। घटना की सूचना मिलते ही बागसेवनिया थाना पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं। पुलिस टीम व अस्पताल कर्मियों ने बिना देरी किए संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और वार्डों में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे दम घुटने से होने वाली संभावित जनहानि टल गई।

🔥 इमरजेंसी वार्ड से उठीं लपटें, शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

हादसे का प्रारंभिक कारण और पुलिस की कार्रवाई:

  • इमरजेंसी वार्ड में घटना: बागसेवनिया थाना प्रभारी के अनुसार, आग लगने की शुरुआत दीपशिखा हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड वाले हिस्से से हुई थी।

  • स्थानीय लोगों के प्रयास: आग की लपटें देखते ही वहां मौजूद परिजनों और स्टाफ ने अग्निशामक यंत्रों से आग पर काबू पाने की कोशिश की, तभी पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई।

  • आग पर पाया गया काबू: फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया; प्राथमिक जांच में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।

🏃 ‘मरीजों की सुरक्षा थी सबसे बड़ी चुनौती’: थाना प्रभारी अमित सोनी का बयान

रेस्क्यू ऑपरेशन और पुलिस का पक्ष:

  • प्राथमिकता बचाव कार्य: बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि घटना के समय अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों को सुरक्षित निकालना सबसे बड़ी चुनौती थी।

  • समय पर एक्शन: पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए वार्डों के अलग-अलग कोनों से सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे किसी भी मरीज को शारीरिक क्षति नहीं पहुंची।

  • जांच जारी: पुलिस और फॉरेंसिक टीमें आग लगने के वास्तविक तकनीकी कारणों और सुरक्षा इंतजामों की जांच में जुटी हैं।

📹 सीढ़ियों से मरीजों को गोद में लेकर भागे कर्मचारी, वीडियो वायरल

प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती और सुरक्षा पर सवाल:

  • धुएं से घुटा दम: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल में चारों तरफ काला धुआं भर गया था, जिसके बाद स्टाफ और तीमारदार मरीजों को गोद और स्ट्रेचर के सहारे लेकर बाहर दौड़ते नजर आए।

  • सोशल मीडिया पर वीडियो: घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिसमें अस्पताल कर्मी मरीजों को सीढ़ियों से नीचे सुरक्षित स्थान पर लाते दिख रहे हैं।

  • फायर सेफ्टी पर सवाल: राजधानी के अस्पताल में देर रात हुए इस अग्निकांड ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी मानकों और आपातकालीन निकास व्यवस्थाओं की हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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