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छत्तीसगढ़

IGKV पेपर लीक कांड का पर्दाफाश: प्रोफेसर ने एंडोस्कोपी कैमरे से स्कैन किया था पर्चा, मास्टरमाइंड सहित 6 गिरफ्तार

रायपुर (छत्तीसगढ़): इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर में आयोजित स्नातक परीक्षा के पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस और साइबर सेल की टीम ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।

पुलिस ने सुनियोजित तरीके से प्रश्न पत्र चुराने और उसे छात्रों को बेचने के आरोप में मास्टरमाइंड प्रोफेसर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी प्रोफेसर ने सीलबंद लिफाफे को बिना फाड़े उसके भीतर ‘एंडोस्कोपी कैमरा’ डालकर पूरे प्रश्न पत्र को स्कैन कर लीक किया था।

🔍 20 अगस्त को सामने आया था मामला, 100 से अधिक लोगों से पूछताछ के बाद खुला राज

मामले की पृष्ठभूमि और पुलिस कार्रवाई का विवरण:

  • तेलीबांधा थाने में एफआईआर: डीसीपी (क्राइम एंड साइबर) स्मृतिक राजनाला के अनुसार, 20 अगस्त को थाना तेलीबांधा में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के बीएससी (एग्रीकल्चर) सेकंड ईयर, सेकंड सेमेस्टर के ‘कीट विज्ञान’ (Entomology) विषय का पेपर लीक होने का मामला दर्ज हुआ था।

  • 100 से अधिक लोगों की जांच: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 100 से अधिक संदिग्धों को रडार पर लेकर व्यापक स्तर पर तकनीकी व मैदानी जांच शुरू की।

  • दुर्ग के कॉलेज का प्रोफेसर निकला मास्टरमाइंड: तफ्तीश के तार दुर्ग स्थित भारती कॉलेज से जुड़े, जहां पदस्थ प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया को मुख्य षड्यंत्रकारी के रूप में गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही पेपर खरीदने और आगे फैलाने वाले छात्रों को भी विभिन्न जिलों से दबोचा गया है।

💰 7 अगस्त को भी लीक किया था एक पर्चा, 11 से 12 हजार रुपये में बेचे प्रश्न पत्र

आरोपियों द्वारा किए गए खुलासे और वित्तीय पहलू:

  • पुराना पर्चा भी किया था लीक: पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रोफेसर ने स्वीकार किया कि उसने 7 अगस्त को आयोजित ‘बीएससी फर्स्ट ईयर’ के प्लांट पैथोलॉजी (Plant Pathology) का पेपर भी इसी तरीके से लीक किया था।

  • मोटी रकम में सौदेबाजी: आरोपी ने लीक किए गए प्रश्न पत्र को 2 से 3 छात्रों को 11,000 से 12,000 रुपये में बेचा था। इसके बाद उन छात्रों के माध्यम से यह पेपर अन्य विद्यार्थियों और सोशल मीडिया ग्रुप्स तक फैल गया।

📸 ढाई हजार का एंडोस्कोपी कैमरा बना हथियार: लिफाफे में छोटा छेद कर किया पूरा पेपर स्कैन

पेपर लीक करने की हाई-टेक कार्यप्रणाली:

  • मार्केट से खरीदा कैमरा: मास्टरमाइंड ने बाजार से महज 2,500 रुपये में एक मेडिकल/इंडस्ट्रियल एंडोस्कोपी कैमरा खरीदा था।

  • लिफाफे से छेड़छाड़: परीक्षा सामग्री के सुरक्षित सीलबंद लिफाफे में बारीक सुराख कर कैमरे की पतली केबल को अंदर डाला गया और पूरे प्रश्न पत्र की तस्वीरें स्कैन कर ली गईं।

  • हस्तलिखित प्रतियां बेचीं: डिजिटल साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से आरोपी प्रोफेसर ने प्रश्न पत्र को अपने हाथ से कागज पर लिखा और फिर छात्रों को बेचा।

  • आगे की जांच: पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क में 2 से 3 अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

🏛️ कवर्धा अनुसंधान केंद्र के ईमेल पर आई थी सूचना, विवि प्रबंधन की शिकायत पर हुई कार्रवाई

खुलासे की आधिकारिक प्रक्रिया:

  • आधिकारिक शिकायत: थाना तेलीबांधा में डॉ. एन.आर. रंगारे (वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं स्नातक परीक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी, IGKV) ने विधिवत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

  • 28 कॉलेजों में होनी थी परीक्षा: 20 अगस्त को प्रदेश के 28 कृषि महाविद्यालयों में बीएससी सेकंड ईयर के कीट विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित होनी थी।

  • व्हाट्सएप और ईमेल से पुष्टि: परीक्षा शुरू होने से पूर्व सुबह 8:40 बजे कवर्धा अनुसंधान केंद्र के आधिकारिक ईमेल पर पेपर लीक की प्रारंभिक सूचना आई। इसके साथ ही छात्रों व छात्र प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे प्रश्नों की सामग्री विश्वविद्यालय को भेजी, जिसके मिलान के बाद पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि हुई।

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