कुलदीप शर्मा ने BJP में जाने की अटकलों को किया खारिज; कांग्रेस के भीतर उपेक्षा और HKRN पर साधा निशाना

चंडीगढ़: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने चंडीगढ़ स्थित एमएलए हॉस्टल में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही दल-बदल की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि वे न तो कांग्रेस पार्टी छोड़ रहे हैं और न ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब भी वे बोलेंगे, बीजेपी की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ और उसके राज खोलने के लिए ही बोलेंगे।
⚠️ “कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र को खतरा”: पार्टी के भीतर बोलने से रोकने का आरोप
पार्टी की कार्यप्रणाली और प्रदेश के मुद्दों पर उठाए सवाल:
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आंतरिक लोकतंत्र पर प्रहार: कुलदीप शर्मा ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र को खतरा पैदा हो गया है और पार्टी का सर्वसमावेशी “गुलदस्ता” बिखर चुका है।
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मंच पर उपेक्षा: उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की महत्वपूर्ण बैठकों और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान भी उन्हें अपनी बात रखने और बोलने से रोका गया।
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर बयान: उन्होंने कहा कि राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का अपना एक सम्मानित स्थान है; उन्होंने हुड्डा को सीएम बनाने की बात कही थी, लेकिन अगर अब कुछ लोग ऐसा नहीं चाहते तो वे क्या कर सकते हैं।
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प्रदेश सरकार पर हमला: उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में भारी आक्रोश है, कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार व्याप्त है, जिसमें HKRN भी भ्रष्टाचार का बड़ा केंद्र बन चुका है।
🛑 “ईमानदार बाप का ईमानदार बेटा हूँ”: जय प्रकाश को दी खुली चुनौती
व्यक्तिगत आरोपों और विरोधी बयानों पर पलटवार:
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भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारा: कुलदीप शर्मा ने कहा कि उन पर कोई भी भ्रष्टाचार का आरोप सिद्ध नहीं कर सकता। वे एक ईमानदार पिता के ईमानदार बेटे हैं और झूठे हमलों के आगे कभी चुप नहीं बैठेंगे।
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सांसद जय प्रकाश पर तंज: सांसद जय प्रकाश (जेपी) का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे लिखित पत्र देकर साबित करें कि उनके बेटे की शादी का रिसेप्शन सज्जन सिंह के घर हुआ था।
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संयमित भाषा की नसीहत: उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ अमर्यादित भाषा का उपयोग गलत है; ऐसी अनर्गल बयानबाजी से बीजेपी को पलटवार का मौका मिलता है और परोक्ष रूप से बीजेपी को ही मदद पहुंचती है।





