दतिया के सरकारी SC हॉस्टल में बदहाली: चावल में कीड़े, बेड से बंधा मिला कुत्ता; तहसीलदार के छापे में खुली पोल

दतिया (मध्य प्रदेश): जिले की इंदरगढ़ तहसील स्थित 50 सीटर शासकीय अनुसूचित जाति (SC) बालक छात्रावास में घोर अव्यवस्थाओं और बदहाली का शर्मनाक मामला सामने आया है।
छात्र संगठनों की लगातार शिकायतों के बाद तहसीलदार दीपक यादव बुधवार को छात्रावास का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान हॉस्टल की जमीनी हकीकत देखकर प्रशासनिक अमला दंग रह गया। छात्रों को परोसे जाने वाले चावल में खुलेआम कीड़े रेंगते मिले, जबकि रसोई में रखी सड़ी हुई सब्जियों से इतनी तीव्र दुर्गंध उठ रही थी कि वहां कुछ पल ठहरना भी दूभर हो गया था। इसके अतिरिक्त अन्य खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता भी बेहद घटिया पाई गई।
🐕 छात्रों के बेड से बंधा मिला विदेशी नस्ल का कुत्ता: 50 सीटर में मिले सिर्फ 4-5 छात्र
छात्रावास कक्ष और परिसर की स्थिति:
-
पलंग से बंधा कुत्ता: जब तहसीलदार छात्रों के शयनकक्ष (डॉर्मिटरी) में पहुंचे, तो वहां छात्रों के सोने वाले पलंग से विदेशी नस्ल का कुत्ता बंधा हुआ दिखाई दिया।
-
गंदगी का आलम: कुत्ते के भोजन की प्लेट वहीं छात्रों के बिस्तरों के पास रखी हुई थी, जिससे परिसर में संक्रमण और अस्वच्छता का गंभीर खतरा बना हुआ था।
-
छात्रों की नगण्य मौजूदगी: हालांकि यह छात्रावास 50 छात्रों की क्षमता वाला है, लेकिन निरीक्षण के समय मौके पर केवल चार से पांच छात्र ही उपस्थित मिले।
🍽️ ’15 अगस्त के बाद से नहीं बना खाना’: मजबूरी में हॉस्टल छोड़ रहे छात्र
छात्रों की पीड़ा और व्यवस्था की पोल:
-
खाना न बनने का आरोप: मौके पर मिले छात्रों ने तहसीलदार को बताया कि 15 अगस्त के बाद से छात्रावास की रसोई में नियमित रूप से खाना बनाया ही नहीं गया।
-
पलायन को मजबूर: कभी-कभार ही भोजन बनने और उसमें भी कीड़े-मकोड़े मिलने के कारण अधिकांश छात्र छात्रावास छोड़कर अपने घरों या अन्य जगहों पर रहने को विवश हैं।
-
शिकायत पर हुआ एक्शन: स्थानीय छात्र संगठनों द्वारा लगातार इस संबंध में ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया जा रहा था, जिसके उपरांत यह प्रशासनिक छापेमारी की गई।
📋 तहसीलदार दीपक यादव ने जिला कलेक्टर को सौंपी रिपोर्ट: अधीक्षक पर गंभीर आरोप
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच:
-
तहसीलदार का बयान: तहसीलदार दीपक यादव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।
-
अधीक्षक का अनुचित आचरण: छात्रों ने पूछताछ में छात्रावास अधीक्षक के व्यवहार को लेकर कई गंभीर और नकारात्मक शिकायतें दर्ज कराई हैं।
-
कलेक्टर को भेजी रिपोर्ट: निरीक्षण के तमाम साक्ष्यों, तस्वीरों और छात्रों के बयानों को संकलित कर विस्तृत जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर को आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दी गई है।
💰 मेंटेनेंस के ₹40 लाख के बजट में बंदरबांट का आरोप: होगी उच्चस्तरीय जांच
वित्तीय भ्रष्टाचार और लीपापोती के आरोप:
-
रखरखाव का बजट: प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस छात्रावास के जीर्णोद्धार, पुताई और मेंटेनेंस कार्यों के लिए करीब ₹40 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी।
-
धरातल पर कुछ नहीं: जमीनी स्थिति को देखकर आरोप लग रहा है कि मेंटेनेंस के इस भारी-भरकम बजट में व्यापक भ्रष्टाचार और लीपापोती की गई है। प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर अब संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और अधीक्षक पर निलंबन सहित विधिक कार्रवाई की तलवार लटक गई है।





