Meta India CSEAM Case NCPCR: मेटा प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की सुरक्षा का मामला, एनसीपीसीआर की सख्ती के बाद बदली पॉलिसी

नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) ने मेटा प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री (CSEAM) के विज्ञापनों की जांच के सिलसिले में मेटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड को फिर से तलब किया है. आयोग ने इस मामले की सुनवाई के लिए 16 सितंबर यानी आज की तारीख तय की थी. आयोग ने मेटा के भारत के प्रबंध निदेशक और प्रमुख की व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग की है, क्योंकि पिछली सुनवाई में केवल वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी का प्रतिनिधित्व किया था.
📋 2. क्या है पूरा मामला? बीबीसी की रिपोर्ट का संज्ञान लेकर एनसीपीसीआर ने भेजा था नोटिस
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने 3 जुलाई 2026 को मेटा प्लेटफॉर्म्स को एक नोटिस जारी किया था. यह कार्रवाई BBC Eye की एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए की गई थी, जिसमें बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से संबंधित विज्ञापनों का आरोप लगाया गया था. एनसीपीसीआर द्वारा स्पष्टीकरण मांगने और मेटा द्वारा जवाब सौंपे जाने के बाद, आयोग ने मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए औपचारिक जांच शुरू करने का फैसला किया और इसी सिलसिले में समन भेजा गया है.
⚙️ 3. एनसीपीसीआर की सख्ती का असर: मेटा ने अपनी पॉलिसी में किए बदलाव, अब I4C को देगी रिपोर्ट
सीसैम (CSEAM) मामले पर एनसीपीसीआर की लगातार और कड़ी कार्रवाई के चलते मेटा को बच्चों के यौन शोषण के मामलों की रिपोर्टिंग से जुड़ी अपनी पॉलिसी में बड़े बदलाव करने पड़े हैं. मेटा ने अब इस तरह के मामलों की रिपोर्ट इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) को भी देना शुरू कर दिया है, जो बाल सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
🏢 4. कैपजेमिनी डे-केयर सेंटर मामले में भी एक्शन, एनसीपीसीआर ने वाइस प्रेसिडेंट को किया तलब
एक अन्य अलग मामले में बेंगलुरु स्थित कैपजेमिनी (Capgemini) द्वारा चलाए जा रहे डे-केयर सेंटर में बच्चों के कथित शोषण से जुड़ा मामला सामने आया है. इस गंभीर मामले में भी एनसीपीसीआर ने कैपजेमिनी के वाइस प्रेसिडेंट को 16 सितंबर को शाम 4 बजे तलब किया था. आयोग इस मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए गहन जांच कर रहा है.





