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FSSAI Cases Against Nestle: नान एक्सेला प्रो और लैक्टोजेन को लेकर नेस्ले पर कसे कानूनी शिकंजे, दर्ज हुए तीन मामले

बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्मूला फूड को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Nestlé India के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. FSSAI ने कंपनी के खिलाफ तीन अलग-अलग एडजुडिकेशन केस दाखिल किए हैं. जांच में उत्पादों के प्रचार और एक फॉर्मूला फूड के पोषण संबंधी मानक में कथित तौर पर गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं.

🚫 2. NAN Excella Pro और Lactogen Pro के विज्ञापनों पर रोक, नियमों के उल्लंघन का लगा आरोप

FSSAI के मुताबिक, Nestlé India के दो प्रमुख उत्पादों—NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1—के प्रचार में ऐसे दावे पाए गए, जो नियमों का खुला उल्लंघन हैं. NAN Excella Pro में ‘5 HMOs’ और ‘Whey Protein’ तथा लैक्टोजेन प्रो में ‘व्हे प्रोटीन आसानी से पचने’ से जुड़े दावे किए गए थे. FSSAI ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड (फूड फॉर इन्फेंट न्यूट्रिशन) रेगुलेशन और इन्फेंट मिल्क सबस्टिट्यूट्स एक्ट के तहत इन विज्ञापनों पर पाबंदी लगा दी है.

🔬 3. लैब जांच में फेल हुआ फॉलो-अप फॉर्मूला, बायोटीन की मात्रा तय मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर दर्ज हुए तीन केस

FSSAI की यह कार्रवाई केवल प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता पर भी बड़े सवाल उठे हैं. प्राधिकरण के अनुसार, नेस्ले के एक फॉलो-अप फॉर्मूला के नमूने की जब प्रयोगशाला और रेफरल लेबोरेटरी में जांच कराई गई, तो उसमें आवश्यक पोषक तत्व ‘बायोटीन’ की मात्रा तय मानकों के हिसाब से नहीं पाई गई. इन्हीं विभिन्न मामलों के आधार पर FSSAI ने कंपनी के खिलाफ तीन अलग-अलग केस दर्ज किए हैं.

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