Gwalior News: घटिया सड़क निर्माण पर ग्वालियर हाई कोर्ट सख्त; चेतकपुरी चौपाटी रोड की रिपोर्ट में भ्रष्टाचार की खुली पोल

ग्वालियर। पूरे प्रदेश में शहर का नाम खराब करने वाली चेतकपुरी रोड के निर्माण में गंभीर लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर आखिरकार मुहर लग गई है। शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में चेतकपुरी से चौपाटी (बसंत विहार होकर) तक नगर निगम द्वारा बनाई गई सड़क के नमूनों (Samples) की लैब जांच रिपोर्ट पेश की गई। तकनीकी जांच रिपोर्ट में सड़क के सभी सैंपल पूरी तरह फेल साबित हुए हैं।
📹 ओपन कोर्ट में चली वीडियोग्राफी: बोरी से बंधे दिखे पाइप, मलबे और पत्थरों से बनाई गई थी सड़क
हाई कोर्ट के निर्देश पर गठित आयोग के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव समाधिया की ओर से यह रिपोर्ट और वीडियोग्राफी ओपन कोर्ट में पेश की गई।
वीडियोग्राफी में सड़क की खस्ताहाल स्थिति देखकर हर कोई हैरान रह गया। सड़क के एक गड्ढे में दो पाइपों को प्लास्टिक की बोरी के सहारे आपस में जोड़ा गया था। इसके अलावा सड़क निर्माण में बड़े-बड़े पत्थरों की पटिया, मलबा जैसा घटिया मटेरियल और कंपैक्शन में भारी गड़बड़ी पाई गई।
📁 निजी निर्माण एजेंसी का रिकॉर्ड सीज करने के निर्देश: आगामी सोमवार को NHAI और PWD की रिपोर्ट होगी पेश
सड़क की तकनीकी रिपोर्ट और मौके की स्थिति देखने के बाद कोर्ट ने माना कि इस सड़क का पूरा निर्माण शुरू से ही संदेहजनक था।
अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित निजी निर्माण एजेंसी के सभी ठेका व निर्माण रिकॉर्ड सीज करने के निर्देश दिए हैं। शहर की बदहाल सड़कों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई जारी है। अब आगामी सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन आने वाली सड़कों की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी।
🚗 NSV व्हीकल से की गई थी स्कैनिंग: लैब टेस्ट के बाद उजागर हुआ भ्रष्टाचार
उल्लेखनीय है कि 30 अगस्त को शहर के महल रोड, चेतकपुरी, एजी ऑफिस, बसंत विहार और फूलबाग क्षेत्र की प्रमुख सड़कों की नेटवर्क सर्वे व्हीकल (NSV) कैमरों से उच्च स्तरीय स्कैनिंग कराई गई थी।
इसी स्कैनिंग रिपोर्ट के आधार पर चिह्नित स्थानों से सड़क की गिट्टी, डामर और बेस के सैंपल लिए गए थे, जिनकी जांच के बाद घटिया निर्माण का यह बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है।


