ब्रेकिंग
Dhanbad News: 1 घंटे में जमींदोज हुए 4 मकान! धनबाद के लोयाबाद में भू-धंसान से दहशत; ग्रामीणों ने की ... Deoria Viral Video: बुजुर्ग का पैर पकड़कर एक्सरसाइज कराते दिखे यूपी के मंत्री सूर्य प्रताप शाही; वीड... Jodhpur Air Force Station: 'वीर गार्डियन 2026' में दिखा तेजस और F-2A का दम; एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ... Maharashtra Politics News: लातूर के होटल आमेर में खूनी वारदात; परली के शेख मन्सूर अली की हत्या, CCTV... Bareilly Nagar Nigam Action: खसरा संख्या 220-221 की जमीन पर अवैध कब्जे; नोटिस के बाद हड़कंप, वसूला ज... Katihar Express Viral Video: रात में कोलकाता जा रही ट्रेन के कोच में दिखा सांप; यात्रियों में मची अफ... IIT Bombay Suicide News: 22 साल के साहिल वाकोडे सुसाइड केस की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी; प्रोफेसर ... Lawrence Bishnoi Gang News: नेपाल भाग गए थे 5 लाख के इनामी बदमाश; जोधपुर के होटल से अफीम, रिवॉल्वर औ... Punjab News Today: पंजाब में फिर ठप होगी बस सेवा! 22 सितंबर से सड़कों पर नहीं उतरेंगी PUNBUS और PRTC... Ludhiana Firing News: गृह प्रवेश की पार्टी में ताबड़तोड़ फायरिंग; 15-20 बदमाशों ने बरसाईं गोलियां, 2...
छत्तीसगढ़

Balrampur News: उफनती नदी पार कर 9 बच्चों को पढ़ाने पहुंचती हैं 2 महिला शिक्षिकाएं; कलेक्टर ने की जज्बे की तारीफ

बलरामपुर। सरगुजा संभाग का बलरामपुर जिला घने जंगलों और पर्वतीय प्राकृतिक इलाकों से घिरा हुआ है। इस जिले की भौगोलिक सीमाएं पड़ोसी राज्यों—झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से जुड़ती हैं। मानसून के दिनों में जब क्षेत्र की नदियां और बरसाती नाले उफान पर होते हैं, तब एक गांव से दूसरे गांव का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। उफनते नदी-नालों के कारण स्थानीय ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित होता है।

🏫 9 बच्चों के भविष्य की खातिर तैनात हैं 2 महिला टीचर: धौरपुर गांव का प्रेरक सच

वाड्रफनगर विकासखंड के मढ़ना गांव के आश्रित ग्राम धौरपुर की स्थिति बारिश के मौसम में बेहद विकट हो जाती है।

धौरपुर एक छोटा सा मजरा है जहां महज 10 से 15 परिवारों का निवास है। यहां के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा वर्ष 2005 में प्राथमिक शाला धौरपुर की शुरुआत की गई थी। वर्तमान में इस विद्यालय में कुल 9 बच्चे अध्ययनरत हैं। इन 9 बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए सरकार की ओर से 2 महिला शिक्षिकाओं को पदस्थ किया गया है।

🌊 9 महीने की मासूम को गोद में लेकर उफनती नदी पार करती हैं शिक्षिका: मोरन और इरिया नदी का बढ़ा जलस्तर

इन दिनों लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र की मोरन और इरिया नदी का जलस्तर और बहाव दोनों खतरनाक स्तर पर पहुंच गए हैं।

इसके बावजूद दोनों महिला शिक्षिकाएं अपने कर्तव्य पथ पर डिग नहीं रही हैं। वे प्रतिदिन उफनती नदी को पार कर बच्चों को पढ़ाने स्कूल पहुंचती हैं। इसमें से एक महिला शिक्षिका की 9 महीने की मासूम बेटी भी है, जिसे वे अपनी गोद में लेकर जान जोखिम में डालते हुए उफनती नदी पार कराती हैं और शाम को उसी रास्ते से सुरक्षित वापस घर लौटती हैं।

👏 कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने की सराहना: कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बनीं महिला शिक्षक

दोनों महिला शिक्षिकाओं की इस अदम्य साहस और समर्पण की जानकारी मिलने पर बलरामपुर की कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने उनकी मुक्तकंठ से सराहना की है।

शिक्षिकाओं का कहना है कि नन्हे बच्चों का शैक्षणिक भविष्य उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इसी कारण वे अपनी जान की परवाह किए बिना रोजाना इस कठिन रास्ते को तय करती हैं। महिला शिक्षिका कर्मिला टोप्पो ने बताया कि वे वर्ष 2014 से इस विद्यालय में कार्यरत हैं और हर साल बरसात के दिनों में उन्हें इसी तरह जीवन जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।

Related Articles

Back to top button