Munger Mirzachouki Greenfield Highway: निर्माणाधीन फोरलेन सड़क पर फिर दिखी 50 मीटर लंबी दरार, स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

बिहार के भागलपुर में करीब 4000 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही महत्वाकांक्षी मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क की निर्माण गुणवत्ता पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. अकबरनगर-शाहकुंड के गंगापुर के पास निर्माणाधीन फोरलेन पर लगभग 50 मीटर लंबी और करीब 2 इंच गहरी दरार उभर आई है. स्थानीय निवासियों का दावा है कि इस मार्ग पर इस तरह की गंभीर संरचनात्मक समस्या तीसरी बार सामने आई है, जिससे परियोजना की तकनीकी निगरानी और मजबूती पर संदेह पैदा हो रहा है.
🌾 2. दरार छिपाने के लिए जूट के बोरे डालने का आरोप, हाल ही में खोले गए मार्ग पर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों ने सड़क पर आई इस चौड़ी दरार को आम लोगों और अधिकारियों की नजरों से छिपाने के लिए उसके ऊपर जूट के बोरे डाल दिए हैं. यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मुंगेर से भागलपुर तक फोरलेन के दो लेन को हाल ही में यातायात के लिए सुचारू किया गया है, जिसके चलते सड़क पर दरारें और किनारे की मिट्टी धंसने से वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है.
🔍 3. पहले भी कंजिया और खड़िया गांव के पास क्षतिग्रस्त हो चुका है हिस्सा, एनएचएआई ने दिए जांच के आदेश
इस रूट पर गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें आती रही हैं; पिछले साल कंजिया गांव के पास सड़क का हिस्सा और ड्रेनेज धंसने के बाद उसे दोबारा कंक्रीट से ढलाई किया गया था. हालांकि एनएचएआई अधिकारियों का तर्क है कि गंगा नदी के बाढ़ और पानी के दबाव के कारण ऐसी समस्या हो सकती है. इस मामले पर एनएचएआई के टेक्निकल मैनेजर अभिनव कुमार ने कहा कि वे इस ताजा मामले की पूरी जांच करवाएंगे और यदि क्षति गंभीर पाई जाती है, तो पहले की तरह सड़क के हिस्से को काटकर दोबारा मजबूत ढलाई की जाएगी.





