LPU Student Protest: जालंधर लवली यूनिवर्सिटी में कथित रेप की अफवाह पर भारी बवाल, पुलिस वाहन फूंका; SIT गठित

जालंधर (पंजाब): लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में शनिवार रात से शुरू हुआ छात्रों का उग्र प्रदर्शन रविवार देर रात तक जारी रहा। हॉस्टल में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की अफवाह फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य गेट तोड़ डाले और राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर पहुंचकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और हिंसक झड़प हुई। छात्रों ने पुलिस बल पर जमकर पथराव किया और पानी की बोतलें फेंकी, जिसके जवाब में पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। स्थिति को नियंत्रित करने और पूरे मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है तथा अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
💥 कैंपस में हिंसक झड़प: पुलिस की गाड़ी फूंकी, डीजल टैंक फटने से हुए जोरदार धमाके
सड़क से लेकर कैंपस तक हुए बवाल का ब्योरा:
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सड़कों पर उतरा आक्रोश: रविवार देर रात हाईवे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को नियंत्रित करने के लिए जब पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो छात्र तितर-बितर होकर कैंपस के भीतर चले गए।
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पुलिस टीम पर पथराव: इसके बाद उग्र भीड़ ने पलटवार करते हुए भारी-भरकम पत्थरों से पुलिस पर हमला बोल दिया, जिससे पुलिसकर्मियों को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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वाहनों में तोड़फोड़ व आगजनी: उपद्रवियों ने पंजाब पुलिस की एक गाड़ी सहित कई निजी वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया। आग लगने के कारण गाड़ी के डीजल टैंक और टायरों में जोरदार धमाके हुए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
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पारदर्शी जांच की मांग: प्रदर्शनकारी छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की जाए और घटना की वास्तविक सच्चाई छात्रों के सामने लाई जाए।
🚪 हॉस्टल के रूम नंबर 504 को लेकर क्या है सच? छात्राओं ने दावों को नकारा
अफवाह बनाम जमीनी हकीकत:
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रूम नंबर 504 का दावा: सोशल मीडिया और प्रदर्शनकारियों के बीच यह बात तेजी से फैली थी कि कथित घटना गर्ल्स हॉस्टल-3 के कमरा नंबर 504 में घटित हुई है।
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कमरे में रहने वाली छात्राओं का बयान: रविवार को जब उक्त कमरे में रहने वाली छात्राओं से बातचीत की गई, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके कमरे में ऐसी कोई भी अप्रिय घटना नहीं घटी है।
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सच्चाई की पड़ताल जारी: छात्राओं ने यह भी स्पष्ट किया कि हॉस्टल के अन्य कमरों में क्या हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पुलिस और प्रशासन अब सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों और जमीनी हकीकत के अंतर की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं।
🏫 ‘हर तरह की निष्पक्ष जांच के लिए तैयार’: यूनिवर्सिटी डीन का आधिकारिक बयान
यूनिवर्सिटी प्रबंधन का रुख:
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छात्र सुरक्षा प्राथमिकता: छात्र विंग के डीन सौरभ लखनपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग और गंभीर है।
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छात्रों को जांच में शामिल करने की पेशकश: उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन किसी भी स्तर की जांच के लिए पूरी तरह तैयार है। छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए छात्र प्रतिनिधियों को जांच प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।
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CCTV फुटेज दिखाने का आश्वासन: डीन ने स्पष्ट किया कि प्रशासन छात्रों को सीसीटीवी फुटेज दिखाने और तथ्यों को सामने रखने के लिए तत्पर है, ताकि यह उजागर हो सके कि यह अफवाह किसने और क्यों फैलाई।
👮♂️ एसपी मौके पर तैनात: कथित पीड़िता की पहचान और अफवाह के स्रोतों की जांच जारी
प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई:
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अधिकारियों की मौजूदगी: पुलिस अधीक्षक (SP) मेजर सिंह ने जानकारी दी कि वे देर रात 2 बजे से घटनास्थल पर मौजूद हैं और छात्रों से लगातार संवाद स्थापित कर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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पीड़िता की पहचान का प्रयास: एसपी ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस इस बात की गहराई से पुष्टि कर रही है कि क्या वास्तव में कोई पीड़िता है, वह कहां रहती है और कथित घटना के पीछे कौन लोग शामिल हैं। अब तक किसी भी संदिग्ध या आरोपी की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी है।
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तोड़फोड़ और हिंसा पर अलग से कार्रवाई: पुलिस अधिकारियों ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है। कथित घटना की जांच के साथ-साथ सरकारी व यूनिवर्सिटी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा आगजनी करने वालों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





