Bhagalpur News: भागलपुर में गंगा नदी के कटाव से भीषण तबाही, रेलवे टैगिंग बांध और कई घर नदी में समाए

भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर गंगा नदी के घटते जलस्तर के कारण भीषण तबाही मची है। ब्रह्म बाबा स्थान से लेकर हनुमान मंदिर तक करीब 150 से 300 मीटर के दायरे में स्थित रेलवे टैगिंग बांध अचानक तेज कटाव की वजह से ध्वस्त हो गया। शुक्रवार की शाम शुरू हुए इस भयानक कटाव में बाबा बजरंगबली का मंदिर और पूर्व जिला पार्षद प्रेमशीला देवी का मकान समेत कुल 5 घर देखते ही देखते गंगा नदी के तेज बहाव में पूरी तरह विलीन हो गए।
🏃♂️ ग्रामीणों में फैली दहशत, सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन
कटाव की इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद राघोपुर और शंकरपुर जैसे नजदीकी गांवों में अचानक अफरा-तफरी मच गई। नदी के प्रचंड रूप को देखकर ग्रामीणों के बीच भारी दहशत फैल गई और लोग अपना-अपना जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। इस हादसे में पूर्व जिला पार्षद प्रेमशीला देवी, उदय मंडल, पुतुल मंडल, मिथिलेश क्रांति और अनिल मंडल के घर पूरी तरह कटकर नदी में समा चुके हैं।
🚨 प्रशासनिक अमला मौके पर, अधिकारियों ने दिए सतर्क रहने के निर्देश
घटना की सूचना मिलते ही नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और अनुमंडल पदाधिकारी परीक्षित सहित कई प्रशासनिक व जल संसाधन विभाग के अधिकारी दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।
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सतर्कता के उपाय: प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कटाव प्रभावित क्षेत्रों से घरों को तुरंत खाली कराया और माइकिंग के जरिए ग्रामीणों को सतर्क रहने व नदी के असुरक्षित किनारों से दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी है।
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अंडर माइनिंग बनी वजह: जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान के अनुसार, नदी में अंडर माइनिंग (Under Mining) के कारण कटाव की यह स्थिति पैदा हुई है। जिस स्थान पर कटाव हुआ है, वहां नदी की गहराई लगभग 40 से 45 फीट तक है। कटाव की गति इतनी तेज थी कि नाव के सहारे जियो बैग डालकर किया जा रहा कटाव निरोधी कार्य भी पूरी तरह निष्प्रभावी साबित हुआ और बांध भरभराकर टूट गया।
⚖️ राजनीतिक सरगर्मी और जनप्रतिनिधि के इस्तीफे की मांग
विशेषज्ञों के मुताबिक, तटबंध बारिश, तेज हवा और जलस्तर के अचानक गिरने की वजह से मिट्टी के भीतर पैदा हुए दबाव के कारण कमजोर होकर कटा है। बांध ध्वस्त होने के बाद अब इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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क्या था पुराना मामला: इससे पूर्व 4 सितंबर को राघोपुर के सरपंच प्रमोद मंडल ने कटाव रोधी कार्यों की घटिया गुणवत्ता को लेकर आमरण अनशन किया था। उस समय पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधायक ई. कुमार शैलेंद्र ने उन्हें लिखित आश्वासन देकर अनशन तुड़वाया था कि यदि बांध कटा तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
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इस्तीफे की मांग: अब बांध टूटने के बाद पूर्व जिला पार्षद विजय मंडल और सरपंच प्रमोद मंडल ने मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र को उनका पुराना वादा याद दिलाते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफे की मांग की है। फिलहाल प्रशासनिक अमला स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्र में राहत व बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।





