Haryana Cabinet Meeting: पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के सरकारी कोठी के 27 लाख रुपये पीनल रेंट माफी के प्रस्ताव पर होगी चर्चा

मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में आज (शनिवार को) होने वाली महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की चंडीगढ़ स्थित सरकारी कोठी का 27 लाख 17 हजार रुपये का पीनल रेंट (दंडात्मक किराया) माफ करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा, हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राजवीर सिंह के 38 लाख रुपये से अधिक के बकाया पीनल रेंट की माफी का मामला भी आज की बैठक में विचार के लिए रखा जा सकता है।
📜 क्या है पूरा मामला और क्यों लगा था पीनल रेंट?
भूपेंद्र हुड्डा की कोठी पर यह पीनल रेंट अगस्त 2024 से लेकर वर्ष 2025 के अंत तक सरकारी आवास में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने के कारण लगाया गया है।
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उस समयावधि में उनके पास आधिकारिक रूप से ‘नेता प्रतिपक्ष’ का दर्जा नहीं था।
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उन्होंने सरकार से इस पीनल रेंट को माफ करने का औपचारिक अनुरोध किया था, जिसके बाद संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की गई थी।
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यह प्रस्ताव कुछ महीने पहले भी कैबिनेट बैठक के समक्ष लाया गया था, लेकिन तीन मंत्रियों की आपत्ति के चलते इसे टाल दिया गया था। अब इस बहुचर्चित प्रस्ताव को दोबारा कैबिनेट के समक्ष रखा जा रहा है।
🏠 कोठी आवंटन से जुड़ा घटनाक्रम
वर्ष 2019 में भूपेंद्र हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद, कैबिनेट मंत्री के बराबर के रैंक के आधार पर उन्हें चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित कोठी नंबर 70 आवंटित की गई थी। इससे पहले वह वर्ष 2014 से 2019 तक सेक्टर-3 स्थित विधायक (MLA) फ्लैट में निवास करते थे। नियमों के अनुसार, अक्टूबर 2024 में राज्य में नई भाजपा सरकार बनने के बाद हुड्डा को 15 दिन के भीतर यह सरकारी कोठी खाली करनी थी, लेकिन निर्धारित समयसीमा में कोठी खाली न किए जाने के कारण उन पर यह अतिरिक्त वित्तीय जुर्माना (पीनल रेंट) लगा था।





