Hansi Kali Devi Temple: हांसी के 400 साल पुराने श्री काली देवी मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, माता का शीतल स्वरूप है आकर्षण का केंद्र

हरियाणा के हांसी में स्थित ऐतिहासिक श्री काली देवी मंदिर इन दिनों नवरात्र के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। करीब 400 साल पुराने इस प्राचीन मंदिर में मां काली के अलौकिक दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो जाता है। कोई परिवार की सुख-समृद्धि की कामना लेकर दरबार में हाजिरी लगा रहा है, तो कोई अपनी मुरादें पूरी होने पर मां के चरणों में शीश नवा रहा है। इस मंदिर की प्राचीनता के साथ-साथ यहां विराजमान मां काली का विशेष और अनूठा स्वरूप देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।
🌸 रौद्र रूप से अलग: शीतल रूप में विराजमान हैं मां काली
इस मंदिर की सबसे बड़ी और खास विशेषता यहां स्थापित मां काली की प्रतिमा का स्वरूप है। आमतौर पर देश के अन्य मंदिरों में मां काली के रौद्र रूप के दर्शन होते हैं, जिसमें माता की जीभ बाहर निकली हुई दिखाई देती है। इसके विपरीत, हांसी के श्री काली देवी मंदिर में मां बहुत ही शांत और शीतल स्वरूप में विराजमान हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी श्याम पांडे ने बताया कि मां काली के प्रति भक्तों में गहरी श्रद्धा है और इसी अनूपम स्वरूप के कारण इस मंदिर की पूरे क्षेत्र में एक अलग और अनूठी पहचान बनी हुई है।
🌍 दूर-दूर और विदेशों से भी पहुंच रहे श्रद्धालु
इस ऐतिहासिक मंदिर में न केवल हरियाणा बल्कि देश के कोने-कोने से भक्त पहुंचते हैं।
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स्थानीय और नियमित भक्त: वर्षों से यहां आ रहे श्रद्धालु भारत भूषण भयाना ने बताया कि नवरात्र के दौरान मां के दरबार में हाजिरी लगाने से उन्हें विशेष आध्यात्मिक शांति और अनुभूति मिलती है।
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मुंबई से पहुंचे भक्त: मुंबई से विशेष तौर पर दर्शन करने आए श्रद्धालु रामावतार बंसल ने बताया कि मां काली के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा है, जिसके चलते वे हर साल नवरात्र के पावन अवसर पर यहां माथा टेकने जरूर आते हैं।
आस्था, इतिहास और परंपरा का यह संगम हांसी के इस मंदिर को बेहद खास बनाता है, जहां भक्त पूरी श्रद्धा के साथ सुख, शांति और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।





