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छत्तीसगढ़

EOW ACB Chhattisgarh: अंगड़िया नेटवर्क और कैश कमीशन का हुआ पर्दाफाश, अरुणपति त्रिपाठी की बढ़ी मुश्किलें

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले से जुड़े मैनपावर भुगतान केस में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध विंग (EOW) ने न्यायालय में 500 पृष्ठों का एक विस्तृत पूरक चालान पेश किया है। यह चालान छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक (MD) अरुणपति त्रिपाठी और मैनपावर एजेंसी के संचालक बीआर लोहिया के खिलाफ दायर किया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि सरकारी शराब दुकानों के कर्मचारियों के नाम पर पांच प्रमुख मैनपावर एजेंसियों को नियम विरुद्ध तरीके से 182.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त और फर्जी भुगतान कराया गया, जिसका एक बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में सिंडिकेट तक पहुंचाया जाता था।

💸 ओवरटाइम और बोनस के नाम पर घोटाला, अंगड़िया नेटवर्क के जरिए मुंबई-हैदराबाद भेजी जाती थी काली कमाई

जांच एजेंसियों के अनुसार, प्लेसमेंट कर्मचारियों को मिलने वाला ओवरटाइम, बोनस और चार अतिरिक्त दिनों का मेहनताना नहीं दिया गया, बल्कि फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर एजेंसियों को करोड़ों रुपये बांटे गए। अकेले अरुणपति त्रिपाठी के कार्यकाल में 152.40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया, जिसमें ‘ईगल हंटर’ और ‘अलर्ट कमांडोज’ जैसी एजेंसियां शामिल हैं। आरोप है कि बीआर लोहिया के इशारे पर फर्जी बिल तैयार कर अधिकारियों को 28 से 32 करोड़ रुपये का नकद कमीशन दिया गया। इस अवैध रकम को अंगड़िया (हवाला) नेटवर्क के माध्यम से मुंबई और हैदराबाद ट्रांसफर किए जाने के पुख्ता सबूत जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं।

⚖️ 14 अक्टूबर को दाखिल हुआ पूरक चालान, मुख्य आरोपी अरुणपति त्रिपाठी पहले से हैं न्यायिक हिरासत में

EOW/ACB रायपुर द्वारा अपराध क्रमांक 44/2024 की विस्तृत जांच के आधार पर 14 अक्टूबर 2026 को यह पूरक चालान प्रस्तुत किया गया है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के प्रतिवेदन के सत्यापन के बाद पहले भी 12 आरोपियों के खिलाफ 18 मई 2026 को प्रथम चालान पेश किया जा चुका है। मुख्य आरोपी अरुणपति त्रिपाठी जहां रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं, वहीं बीआर लोहिया फरार चल रहे हैं। वर्ष 2019 से 2023 के दौरान सुमीत फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर सॉल्यूशन जैसी एजेंसियों को किए गए भुगतान की फाइलें खंगाली जा रही हैं।

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