छतरपुर में बदहाल छात्रावास पर कलेक्टर का कड़ा एक्शन, किचन में गंदगी मिलने पर अधीक्षक निलंबित

छतरपुर: जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर हरपालपुर इलाके में स्थित अनुसूचित जाति छात्रावास में व्यवस्थाओं की बदहाली और दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने कड़ा एक्शन लिया है. कलेक्टर ने छात्रावास अधीक्षक इंद्रपाल अहिरवार को शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही, अव्यवस्था और अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
प्रशासन को लंबे समय से छात्रों द्वारा भोजन की खराब गुणवत्ता, परिसर में पसरी गंदगी और अधीक्षक की लगातार गैर-मौजूदगी को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिसको लेकर शुक्रवार को कलेक्टर मृणाल मीणा ने हॉस्टल के अंदर घुसकर जांच पड़ताल की. इस दौरान किचन के अंदर गंदगी देखी तो भड़क गए और अधीक्षक को मौके पर ही निलंबित कर दिया.
🍛 पोषणयुक्त भोजन में कटौती और परिसर में गंदगी मिलने पर कलेक्टर की औचक जांच
बीते दिनों हुई शिकायत के आधार पर कलेक्टर ने जांचने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम को छात्रावास का औचक निरीक्षण करने के लिए भेजा था. निरीक्षण के दौरान छात्रों के आरोप सही पाए गए और व्यवस्थाओं की पोल खुल गई. जांच में सामने आया कि शासन द्वारा निर्धारित मीनू के अनुसार विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन नहीं दिया जा रहा था. पूरे परिसर और कमरों में स्वच्छता का भारी अभाव था, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई थी.
इसके अलावा हॉस्टल अधीक्षक अपने निर्धारित दायित्वों से नदारद मिले और छात्रावास के रिकॉर्ड में भी गंभीर अनियमितता देखने को मिली. निरीक्षण दल द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर मृणाल मीणा खुद शुक्रवार को हॉस्टल का निरीक्षण करने पहुंचे. कलेक्टर ने कहा कि निरीक्षण के दौरान छात्रावास में भारी लापरवाही देखने को मिली, जिसे मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के तहत गंभीर कदाचरण मानते हुए अधीक्षक इंद्रपाल अहिरवार को तुरंत सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया गया.
🚫 फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र वाली शिक्षिका की नियुक्ति भी हुई निरस्त
छतरपुर के शाला जुनवानी में शासकीय प्राथमिक शिक्षक के पद पर पदस्थ शिक्षिका सविता पटेल की नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार, दमोह जिले के ग्राम हरदट निवासी सविता पटेल को 30 मार्च 2023 के एक आदेश के तहत प्राथमिक शिक्षक के पद पर पदस्थ किया गया था, लेकिन जब सविता पटेल के दिव्यांगता प्रमाणपत्र की मेडिकल बोर्ड सागर से जांच-पड़ताल कराई गई, तो शिक्षिका सविता को श्रवण बाधित दिव्यांगता श्रेणी में दिव्यांग नहीं पाया गया. इसके बाद शिक्षा अधिकारी पीके रैकवार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षिका की नियुक्ति निरस्त कर दी.




