Rome Indian Embassy Alert: मिलान और रोम में हिंसा के बाद भारतीयों के लिए चेतावनी, भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने के निर्देश

रोम स्थित भारतीय दूतावास ने इटली के कई प्रमुख शहरों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर वहाँ रह रहे भारतीय नागरिकों से पूरी तरह सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की सख्त अपील की है. दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि पिछले हफ्ते इटली के कुछ शहरों में विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की गई थीं. दूतावास ने कहा है, “हम भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाले स्थानों और उन सभी जगहों से बचने की सलाह देते हैं जहाँ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.” साथ ही, नागरिकों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे ऐसे आयोजनों और सुरक्षा स्थिति के बारे में लगातार स्थानीय समाचारों पर अपनी नजर बनाए रखें. किसी भी आपात स्थिति के समय भारतीय नागरिक रोम और मिलान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से तुरंत संपर्क कर सकते हैं.
💥 जीवन-यापन की लागत के विरोध में भड़की हिंसा, मिलान में पुलिस से झड़प और दुकानों में लूटपाट
इटली में जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ रविवार को देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत हुई थी, जो शुरुआती दौर में पूरी तरह शांतिपूर्ण थे. हालांकि, देखते ही देखते मिलान शहर में कुछ उपद्रवियों की पुलिसकर्मियों के साथ तीखी झड़प हो गई, दुकानों में जमकर लूटपाट की गई और सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया गया. इस हिंसक घटना के बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रविवार को कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अपने ही शहरों को आग के हवाले कर देना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है.
🗣️ पीएम जॉर्जिया मेलोनी का कड़ा बयान, कहा— गुंडों के गिरोहों द्वारा शहर बर्बाद करने की अनुमति नहीं
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि रविवार को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले हजारों लोगों के प्रति उनके मन में बहुत गहरा सम्मान है, क्योंकि किसी भी मुद्दे पर विरोध जताना किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की बुनियादी नींव होता है. उन्होंने आगे कहा कि वे उन सभी लोगों के प्रति पूरी एकजुटता और हार्दिक आभार व्यक्त करती हैं जो नागरिकों, श्रमिकों, व्यापारियों और आम जनता की सुरक्षा के लिए वहाँ मुस्तैद थे, ताकि लोग बिना किसी डर के अपने शहर में रह सकें और उसे किसी भी असामाजिक या गुंडों के गिरोह द्वारा बर्बाद या जलाए जाने से बचाया जा सके.





