Kawardha News: आरक्षक भर्ती 2023 की दूसरी सूची की मांग को लेकर कवर्धा में प्रदर्शन, गृह मंत्री के कार्यालय का किया घेराव

कवर्धा: छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक भर्ती-2023 की दूसरी चयन सूची जारी किए जाने की मांग को लेकर चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन अब धीरे-धीरे और अधिक आक्रामक रूप लेता जा रहा है। इसी सिलसिले में बीते सोमवार को आंदोलनरत उम्मीदवारों के समर्थन में उतरते हुए भीम आर्मी तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। सभी प्रदर्शनकारी और समर्थक अपनी मांगों को लेकर सीधे प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा के कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़े, लेकिन सतर्क पुलिस बल ने रास्ते में मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें बीच में ही रोक लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सरकार और गृह मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क पर ही धरने पर बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया।
1600 रिक्त पदों पर नई भर्ती और छूटे हुए उम्मीदवारों को शामिल करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और उनके समर्थकों की मुख्य मांग यह है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान छूटे हुए योग्य उम्मीदवारों को भी इसमें शामिल किया जाए तथा राज्य में लगभग 1600 रिक्त पड़े पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए। उनका कहना है कि सरकार को दूसरी सूची जारी करने के संबंध में अब बिना किसी देरी के अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। इन जायज मांगों को लेकर पिछले कुछ समय से चल रहे इस आंदोलन को अब प्रदेश के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का खुला समर्थन मिलने लगा है, जिससे यह मामला और तूल पकड़ता जा रहा है।
चार सूत्रीय मांगें पूरी न होने पर मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च की चेतावनी
इस पूरे प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी और अन्य सहयोगी संगठनों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक अभ्यर्थियों की चारों सूत्रीय मांगें पूरी नहीं कर दी जातीं, तब तक उनका संगठन पूरी ताकत के साथ उनके हर संघर्ष में उनके साथ खड़ा रहेगा। कार्यकर्ताओं ने यह भी अल्टीमेटम दिया है कि यदि समय रहते उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री निवास तक भव्य पैदल मार्च निकालने के लिए मजबूर होंगे। इस उग्र प्रदर्शन के बाद अब यह साफ हो गया है कि आरक्षक भर्ती की दूसरी सूची की मांग को लेकर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक तेज हो सकता है, और फिलहाल सभी की निगाहें राज्य सरकार के आगामी रुख पर टिकी हुई हैं।





