Indo-Pak Love Story Karwa Chauth: पाकिस्तान की बीना ने राजस्थान के आकाश के लिए रखा पहला करवा चौथ, 8 साल की लंबी ऑनलाइन प्रेम कहानी बनी मिसाल

भरतपुर: सात समंदर पार से शुरू हुई मोहब्बत की एक अनूठी और प्रेरणादायक दास्तां इन दिनों खासी चर्चा में बनी हुई है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के अंतर्गत आने वाले मीरपुर खास शहर की रहने वाली बीना रामनानी और राजस्थान के ऐतिहासिक जिले भरतपुर के मडरपुर रोड (गोविंद नगर) निवासी आकाश आसवानी की यह प्रेम कहानी अब दोनों देशों में एक नई मिसाल बन चुकी है। आज से लगभग आठ साल पहले सोशल मीडिया के लोकप्रिय प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए शुरू हुई यह सामान्य सी बातचीत धीरे-धीरे गहरे प्यार में तब्दील हो गई और आखिरकार यह रिश्ता अटूट दांपत्य बंधन में बंध गया। इसी कड़ी में पाकिस्तानी मूल की बीना ने भारत आकर अपने जीवनसाथी आकाश के लिए अपने जीवन का पहला करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा है। इस पावन और पारंपरिक पर्व को लेकर उनके घर-परिवार में पिछले एक हफ्ते से किसी बड़े उत्सव जैसा खूबसूरत माहौल बना हुआ है।
प्रोफेशनल इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर हैं बीना रामनानी, राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव के बीच वर्चुअल माध्यम से की थी सगाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 वर्षीय बीना रामनानी पेशे से एक कुशल इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर हैं। करीब आठ वर्ष पूर्व इंस्टाग्राम पर उनकी दोस्ती आकाश से हुई थी, जो धीरे-धीरे समय के साथ मजबूत होती चली गई। दोनों ने जीवनभर साथ निभाने का फैसला तो कर लिया था, लेकिन उस दौरान दोनों देशों के बीच कूटनीतिक परिस्थितियों और वीजा संबंधी जटिलताओं के कारण उनका आमने-सामने मिलना बेहद मुश्किल था। ऐसे में तमाम प्रशासनिक और भौगोलिक बाधाओं को दरकिनार करते हुए 6 जून 2024 को दोनों ने डिजिटल माध्यम का सहारा लेते हुए ऑनलाइन (वर्चुअल) सगाई कर ली थी, जो उनके रिश्ते का एक अहम पड़ाव साबित हुआ।
दुबई में संपन्न हुए सात फेरे, लंबी कानूनी प्रक्रिया और कागजी अड़चनों के बाद फरवरी 2026 में मिला भारत का वीजा
भारत और पाकिस्तान के बीच वीजा तथा कूटनीतिक कागजी प्रक्रियाओं की पेचीदगियों के चलते इस जोड़े को अपने विवाह समारोह के लिए किसी तीसरे तटस्थ देश का चुनाव करना पड़ा। तमाम कानूनी अड़चनों और संघर्षों को पार करते हुए आखिरकार 24 मई 2025 को बीना और आकाश ने संयुक्त अरब अमीरात यानी दुबई की धरती पर हिंदू वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार सात फेरे लिए और हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए। शादी के कई महीनों बाद लंबी और कठिन कागजी कार्रवाई पूरी होने पर आखिरकार फरवरी 2026 में बीना को भारत का वैध वीजा प्राप्त हुआ, जिसके बाद वह अपने ससुराल भरतपुर पहुंचीं और वहां उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
बोलीं बीना- ‘करवा चौथ सिर्फ एक रस्म नहीं, आपसी प्रेम और समर्पण का सबसे खूबसूरत उत्सव है’
भारत की पावन भूमि पर अपना पहला करवा चौथ का व्रत मना रहीं बीना इस महान भारतीय पर्व को केवल एक साधारण रीति-रिवाज नहीं, बल्कि अटूट समर्पण का बड़ा उत्सव मानती हैं। बीना ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके जीवन का यह पहला करवा चौथ उनके लिए शब्दों से परे और बेहद खास है। वे पाकिस्तान में अपने मायके में मौजूद अपनी बहनों और परिवार के अन्य सदस्यों को वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी सरगी, मेहंदी और पूजा की तैयारियों से लगातार रूबरू करा रही हैं। बीना का मानना है कि करवा चौथ केवल चांद के दर्शन करने और व्रत खोलने भर का अवसर नहीं है। आमतौर पर पत्नियां अपने पति की दीर्घायु के लिए यह उपवास रखती हैं, लेकिन यदि पति भी अपनी अर्धांगिनी के साथ इस व्रत में बराबर के साझीदार बनें, तो यह आपसी स्नेह और विश्वास को और भी अधिक गहरा कर देता है।





